फर्रुखाबाद। कंपिल क्षेत्र के गांव झोलाछाप महिला ने मंगलवार देर शाम चार माह की गर्भवती का गर्भपात किया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों से झोलाछाप पर गलत गर्भपात करने का आरोप लगा हंगामा किया।
भोगपुर निवासी सुनीता (35) का कस्बे की एक गली में घर में चल रहे अवैध क्लीनिक में गर्भपात कराया गया। घर जाकर महिला की हालत बिगड़ गई। मंगलवार देर शाम महिला की मौत हो गई। महिला के चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जनपद बदायूं थाना कलान क्षेत्र की निवासी एक महिला अवैध नर्सिंगहोम चला रही थी। फिलहाल उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।
पूर्व के मामलों में नहीं हुई कार्रवाई
- कंपिल क्षेत्र के गांव सिवारा खास निवासी जीतेन्द्र शर्मा की पत्नी सत्यवती और उसके नवजात बच्चे की दिसंबर 2024 में झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई थी। इसके बाद भी झोलाछाप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- दिसंबर 2024 में ही गांव बिलसड़ी निवासी सेवकराम की पत्नी अनीता व उसके नवजात बच्चे की झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई। झोलाछाप के अस्पताल में भी उसे प्रसव के लिए ले जाया गया था। दोनों ही महिलाओं को सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिल सकी थीं।
- कंपिल क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी ब्रजेश की पत्नी राखी व नवजात की प्रसव के कुछ देर बाद ही 27 मई को मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
- फतेहगढ़ से सटे गांव याकूतगंज में झोलाछाप के इलाज से जनपद कन्नौज के छिबरामऊ की महिला की जान चली गई थी। इसमें परिजनों ने हंगामा करने के बाद झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई नहीं की।
चलाया जाएगा अभियान
झोलाछाप उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जनवरी से अब तक 24 झोलाछापों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इसके अलावा 185 झोलाछाप अपना क्लीनिक बंद कर चुके हैं। झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।