ढाईघाट पर धू-धूकर जलती झोपड़ी।
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शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। ढाई घाट पर रात में एक बाबा की झोपड़ी में आग लग गई। इसके बाद सिलिंडर फटने से आग ने विकराल रूप ले लिया। इससे तीन आश्रम सहित पांच दुकानदारों की दुकानें जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड ने लगभग डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान चार लोग झुलस गए। साधु ने पड़ोसी गांव के दो नामजद व तीन अज्ञात युवकों पर आग लगाने की शिकायत की।
ढाईघाट पुल के उत्तरी तट के पास सड़क किनारे दुकानदार खोखा (लकड़ी की दुकान) रखकर पान-मसाला व प्रसाद आदि बेचते हैं। सड़क किनारे ही साधु गंगा सिंह झोपड़ी डालकर आश्रम बनाए हैं। बुधवार रात करीब 9:30 बजे गंगा सिंह की झोपड़ी में संदिग्ध हालात में आग लग गई। आग देख गंगा सिंह शोर मचाते हुए बाहर की ओर दौड़ पड़े।
इसी दौरान झोपड़ी में रखे सिलिंडर ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया। जिससे आग और विकराल हो गई। आग ने सागर दास निवासी चौड़िया सिनोली कायमगंज, बाबा फरारी दास, शाहजहांपुर निवासी सुरेश गिरि की झोपड़ियों के साथ ही चौराहार निवासी मुनीम, जिला मैनपुरी थाना व कस्बा कुरावली निवासी सतीश, चौरा निवासी रजनीश कुमार, गंगा दरवाजा कायमगंज निवासी प्रमोद कुमार व श्यामवीर की दुकान को चपेट में ले लिया।
फायरब्रिगेड को सूचना देकर ग्रामीणों ने आग बुझाना शुरू की। आग बुझाने के दौरान कल्लू उर्फ गंगा सिंह, सागर दास, बाबा देवनाथ व बाबा सतीश झुलस गए। झुलसे लोगों ने नर्सिंग होम में उपचार कराया गया। रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। बाबा व दुकानदारों ने बताया कि आग से करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
गंगा सिंह ने आरोप लगाया कि शाम को गांव समैची के दो युवकों से विवाद हो गया था। कुछ देर बाद उनकी झोपड़ी में आग लग गई। उन्होंने आरोप लगाया कि झगड़ा करने वाले लोगों ने ही आग लगाई। उन्होंने मामले में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष तरुण सिंह भदौरिया ने बताया कि संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगी है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।