फोटो-12 हवलदार कुलदीप यादव। फाइल फोटो
नवाबगंज(फर्रुखाबाद)। लेह के यूनिट ऑफिस में रिपोर्टिंग करते लौटते समय ग्लेशियर में दबने के बाद इलाज कराके लौटे हवलदार कुलदीप यादव गेट पर ही बेहोश हो गए। इलाज के लिए सैनिक अस्पताल ले जाया गया। वहां अंतिम सांस ली। सूचना मिलने पर परिजन बेहाल हो गए। शनिवार दोपहर बाद शव पहुंचने की उम्मीद है।
थाना क्षेत्र के गांव कलौली निवासी हवलदार कुलदीप यादव (34) नासिक के 872 लाइट रेजिमेंट तोपखाना में तैनात थे। उनकी यूनिट इन दिनों लेह के ग्लेशियर पर पाकिस्तान बॉर्डर जाने के लिए पत्तापुर (लेह) में ट्रेनिंग कर रही है। दो मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे वह यूनिट ऑफिस में रिपोर्टिंग करने गए थे। वापस आते समय ग्लेशियर में दब गए। जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें निकाल लिया। इसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया।
स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद वह बृहस्पतिवार को यूनिट ऑफिस के गेट पर पहुंचे, तो बेहोश होकर गिर पड़े। सेना ने उन्हें लेह के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां रात 10.30 बजे अंतिम सांस ली। रात 11 बजे के करीब परिजन को सूचना दी गई। इससे परिजन में चीख पुकार मच गई।
एटा के अलीगंज निवासी बहनोई सेवानिवृत्त हवलदार सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि घर में पिता महेंद्र सिंह यादव, माता गेंदा देवी, पत्नी प्रियंका यादव और पुत्री मन्नत व पुत्र राम है। वह सात भाइयों में चौथे नंबर के थे। बताया कि शनिवार दोपहर बाद शव घर पहुंचने की उम्मीद है। वह वर्ष 2011 में फतेहगढ़ में हुई सेना भर्ती हुए थे। ट्रेनिंग लेने के बाद उन्हें पाकिस्तान बॉर्डर पर ग्लेशियर पर जाना था। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों का आना-जाना लगा है।