फर्रुखाबाद/कायमगंज। जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर गंगा नदी दो लोगों को लील गईं। पानी में डूबे दोनों ही युवक लापता हैं। जिन्हें तलाशने के लिए गोताखोरों ने भारी मशक्कत की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कायमगंज के सींगनपुर घाट पर नाव पलटने से एक हादसा हुआ जिसमें नाविकं ने तीन युवकों को बचा लिया और एक लापता हो गया तो घटियाघाट पर दोस्तों के साथ नहाते समय एक युवक डूब गया।
जिला शाहजहांपुर थाना परौर क्षेत्र के गांव तसिया निवासी रामकिशोर उर्फ अरविंद यादव पुत्र छबिनाथ अपने चचेरे भाइयों हरवीर यादव, रवेंद्र यादव और राजपाल यादव के साथ 30 जून को कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव आखूनपुर निवासी बुआ कलावती के यहां आए थे। यहां से चारों लोग 1 जुलाई को कंपिल थाना क्षेत्र के गांव चौखड़िया निवासी अपनी दूसरी बुआ के यहां गए। सोमवार सुबह 8 बजे चारों लोग पैदल गंगा किनारे के रास्ते घर के लिए रवाना हुए। सींगनपुर कटरी के पास पहुंचने पर इन लोगों को गंगा नदी में एक नाव दिखी। वे लोग उसी नाव पर सवार हो गए। नाव गांव पुंथर निवासी प्यारे चला रहा था। नाव कुछ ही दूर चल पाई होगी कि तेज बहाव के चलते वह पलट गई, जिससे सभी लोग गंगा नदी में डूबने लगे। नाव चालक प्यारे तैरना जानता था, जबकि चारों युवक तैर नहीं पाते थे। प्यारे ने डूब रहे हरवीर, रवेंद्र और राजपाल को जैसे-तैसे सकुशल बाहर निकाल लिया लेकिन रामकिशोर का कहीं पता नहीं चला। इस पर उसने घटना की जानकारी सींगनपुर गांव में जाकर दी। काफी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलने कंपिल थाने के दारोगा आरडी सिंह यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों को गंगा नदी में उतारकर युवक की तलाश शुरू कराई। घटना की जानकारी मिलने पर रामकिशोर के पिता छबिनाथ व उसकी दोनो बुआ परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। शाम 6 बजे तक गोताखोर रामकिशोर की तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दारोगा ने बताया कि डूबे युवक की तलाश मंगलवार को फिर कराई जाएगी।
फर्रुखाबाद शहर के गंगानगर मोहल्ला निवासी अवनीश शुक्ला का पुत्र विशाल (18)वर्ष, दिल्ली में रहकर कम्प्यूटर का कोर्स कर रहा था। दो दिनों पहले वह घर आया था। सोमवार को दो दोस्तों के साथ गंगा नदी में नहाने के लिए घटियाघाट पहुंच गया। करीब साढ़े तीन बजे नदी में नहाते समय विशाल तैरते हुए बीच धारा की तरफ चला गया लेकिन कुछ ही पलों में वह नदी के गहरे जल में समा गया। विशाल के काफी देर तक पानी से बाहर न निकलने पर उसके दोस्त चिंतित हो उठे। मौके पर ही कई लोगों की इसकी जानकारी दी तो वहां भीड़ लग गई। फिर परिजनों को भी बताया गया। मौके पर घर वाले पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। स्थानीय गोताखोरों से मदद मांगी गई तो केवट बिरादरी के कुछ तैराक नदी में कूद पड़ा। काफी देर तक पानी में छानबीन करने के बावजूद विशाल का कुछ पता नहीं लग सका। गोताखोरों ने मंगलवार को सुबह फिर से तलाश करने का आश्वासन परिजनों को दिया है। कहा है कि विशाल के जीवित रहने या मौत हो जाने के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
उधर विशाल के बड़े भाई विजय ने कहा कि परिवार को बहुत बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा है। बताया कि उसका भाई दो दिनों पहले ही आया था। अचानक यह हादसा हो जाने से घर के लोग सहन नहीं कर पा रहे हैं।