फर्रुखाबाद। पुराने हो चुके ट्रांसफार्मरों पर लगातार बढ़ते लोड और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर वर्कशाप में न होने के चलते बिजली आपूर्ति इस भीषण गर्मी में चरमरा गई है। शाम के समय अचानक लोड अधिक होने से बूढ़े ट्रांसफार्मर जल्दी-जल्न्दी फुंक जाते हैं। वहीं क्षेत्रीय अवर अभियंताओं का मोबाइल फोन या तो स्विच ऑफ मिलता है या फिर घंटी बजती रहती है ओर वे रिसीव नहीं करते। ऐसे में बिजली विभाग के प्रति जनाक्रोश बढ़ रहा है। अधिशाषी अभियंता की मनमानी तो जिलाधिकारी द्वारा आगाह किए जाने के बावजूद जस की तस है।
शहर में बिजली आपूर्ति 18 घंटे किए जाने का सरकार का निर्देश है। उच्चाधिकारियों का यह कहना है कि अभियंता मनोयोग से काम करें ताकि जनता को गर्मी में तकलीफ न होने पाए। अधीक्षण अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक यही राग अलाप रहे हैं। लेकिन वास्तविक रूप से शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बमुश्किल 14 घंटे ही हो पा रही है। ट्रांसफार्मरों की कमजोरी, क्षमता से काफी अधिक लोड और फुंक जाने पर उसका कोई विकल्प न होने के चलते शहरी क्षेत्र में ऐसी नौबत आ गई है। फर्रुखाबाद कोतवाली के पास लगा ट्रांसफार्मर, चौक फीडर का ट्रांसफार्मर, खड़वाई मोहल्ले के पास लगा ट्रांसफार्मर, गंगागंज में लगा ट्रांसफार्मर, आवास विकास कालोनी का ट्रांसफार्मर, फतेहगढ़ बाजार में लगा ट्रांसफार्मर आए दिन फुंक जाता है। इन सभी ट्रांसफार्मरों पर विद्युत सप्लाई ओवरलोड है। बढ़पुर के विभिन्न इलाकों से लेकर लाल दरवाजा, लाल सरायं, कादरीगेट, नेहरू नगर और रेलवे स्टेशन रोड पर बिजली आपूर्ति के हालात काफी खराब हैं। शाम होते ही इन इलाकों में बिजली की ट्रिपिंग प्रत्येक दस पन्द्रह मिनट में होने लगती है। तड़के तीन बजे बिजली चली जाए या फिर छह बजे। इसका भी कोई ठिकाना नहीं रह गया है। चौक क्षेत्र के व्यापारी मनोज मिश्रा, अरविंद भारद्वाज, नारद गुप्ता, सूरज यादव, अजय पाल, दिनेश वर्मा, संजीव कुमार, धीरज, राजीव शुक्ला, प्रदीप शुक्ला आदि ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई है। इन व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर बहुत पुराने हैं और उन पर ओवरलोड होने से जल्दी-जल्दी फुंक जाते हैं। लेकिन विभागीय अभियंता और कर्मचारी समस्या से निजात के ठोस उपाए नहीं कर रहे हैं।
उधर, ट्रांसफार्मरों के बदले जाने के लिए विद्युत विभाग के पास फौरी तौर पर कोई व्यवस्था नहीं है। वर्कशाप में एक भी ऐसा ट्रांसफार्मर नहीं है, जो ठीक हालत में हो।