फर्रुखाबाद। जिले के हालात को जानने आए मंडलायुक्त मुकुल सिंघल विभागीय अधिकारियों को बड़े ही मीठे अंदाज में काम के प्रति जिम्मेदारी दे गए। कहा कि किसी को कोई समस्या आ रही हो, जनहित की योजनाएं हों और कोई व्यक्तिगत परेशानी भी हो तो यहां के जिलाधिकारी या खुद उन्हें ही सीधे फोन करके बता सकते हैं लेकिन काम को शासन की मंशा के अनुरूप ही करना होगा। यह भी कहा कि सभी अधिकारी एक दूसरे से समन्वय स्थापित करें ताकि सरकारी योजनाएं बेहतर ढंग से क्रियान्वित हो सके। जिले की दुर्दशाग्रस्त सड़कें मंडलायुक्त के सफर में तकलीफदेह रहीं। इस पर विभागीय अफसरो से तत्काल इस संबंध में योजना बनाकर भेजने का निर्देश दिया।
कानपुर के मंडल कमिश्नर बने मुकुल सिंघल सोमवार को पहली बार फर्रुखाबाद आए। लोनिवि के निरीक्षण भवन में जिलाधिकारी डा.मुथुकुमार स्वामी बी. और पुलिस अधीक्षक नीलाब्जो चौधरी से गोपनीय वार्ता कर जिले का हाल जाना। दोपहर बाद कलेक्ट्रेट भवन के सभागार पहुंचे कमिश्नर ने सभी विभागीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों से परिचय जाना। फिर बताया कि यहां पहुंचने पर उन्होंने जिले की हवा और मिट्टी सूंघी। हालांकि जिले की खराब सड़कें मंडलायुक्त के सफर में तकलीफदेह रहीं। जिसे उन्होंने बयां भी किया। सभाकक्ष में बैठते ही अधिकारियों से कहा कि यहां की सड़कें बहुत खराब हैं।
लोनिवि के अधिकारियों से कहा कि सड़क की दशा सुधारने के संबंध में योजना बनाकर भेजें। जनहित की सरकारी योजनाओं को हर कीमत पर उचित ढंग से क्रियान्वित करना है ताकि जनता को उसका पूरा लाभ मिल सके। कमिश्नर ने कहा कि कोई समस्या आ रही हो, योजनाएं बनाई हों और बजट की कमी हो तो उसके लिए जिलाधिकारी या खुद उन्हें जानकारी दे सकते हैं। कमिश्नर ने लोहिया अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.ए के पांडे और मुख्य चिकित्साधिकारी डा.कमलेश कुमार को आगाह करते हुए कहा कि अस्पताल की सेहत और लोगों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। जबकि सीएमएस ने कमिश्नर द्वारा समस्या पूछने पर बताया कि अस्पताल में रोग विशेषज्ञों की कमी है। इमरजेंसी में मेडिकल अफसर चार होने चाहिए लेकिन केवल दो ही उपलब्ध हैं। बिजली आपूर्ति की कमी भी जिला अस्पताल में काफी समय से है। कहा कि अस्पताल में आपूर्ति के लिए इन्डिपेंडेंट फीडर की मांग की गई तो बिजली विभाग ने तीन करोड़ रुपए का खर्च बताया। इतनी बड़ी रकम सुनकर कमिश्नर चौंक पड़े। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि इस संबंध में वे जिले स्तर पर योजना बनाकर उनके पास भेज दें।
बिजली विभाग के शहरी क्षेत्र के अधिशाषी अभियंता सुरेश कुमार ने कमिश्नर को बताया कि रोस्टिंग का शेड्यूल ऐसे समय है जिससे कार्यालयों के लोगों को परेशानी हो रही है। रोस्टिंग के समय में कुछ बदलाव के निर्देश दिए जाएं। कमिश्नर ने खुद सुरेश कुमार से पूछा कि किस समय रोस्टिंग कर दी जाए तो वे उचित जवाब नहीं दे सके। उपस्थित अन्य अधिकारियों ने कहाकि सुबह का समय आठ से बारह बजे तक ठीक रहेगा।
इसके अलावा इंजीनियर सुरेश कुमार ने फतेहगढ़ से लेकर फर्रुखाबाद तक बीच सड़क पर लगे बिजली के पोल की जानकारी भी कमिश्नर को दी। कहा कि इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए शासन से बजट स्वीकृत करवा दें तो खंभे हटवाने पर कुछ काम हो सकेगा। विभागों की समस्या जानने के बाद कमिश्नर ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी से विभागीय अफसर पहले ठीक से वार्ता कर लें फिर उन्हें बताएं। इस मीटिंग के बाद मंडलायुक्त ने पुलिस लाइन, फायर स्टेशन और कमालगंज के खंड विकास अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया और जो कमी मिली उसमें सुधार लाने का निर्देश दिया।