फर्रुखाबाद। आम बजट में केंद्र सरकार के सराफा कारोबार पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी वापस ले लिए जाने से कारोबारियों में खुशी बन गई है। आंदोलन के समय जिन नेताओं की अर्थी निकाल कर मुर्दाबाद के नारे बुलंद किए गए थे, सोमवार को उन्हीं के कसीदे काढ़े गए। कारोबारियों ने जमकर पटाखे छुड़ाए। बैंडबाजों की धुन पर मिठाई बांट कर जश्न मनाया गया।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में साराफा कारोबारियों ने 17 मार्च से आंदोलन चलाया था। इन्होंने हड़ताल कर रखी थी। 21 दिन तक चली। इस हड़ताल में केंद्र सरकार व उसके मंत्री निशाने पर रहे थे। विरोध में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अर्थी निकाल कर तेरहवीं संस्कार भी किया गया था। सराफा कमेटी के साथ ही फर्रुखाबाद व फतेहगढ़ के व्यापारी संगठनों ने भी अपने तेवर दिखाए थे। बाद में प्रांतीय नेताओं के सरकार से बातचीत के बाद मिले आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई थी। सोमवार को तस्वीर पूरी तरह बदली हुई थी। दोपहर को कारोबारियों को केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी वापस होने की सूचना मिल गई। फर्रुखाबाद में श्री सराफा कमेटी ने इस सफलता पर जश्न मनाया। नेहरू रोड पर जिलाध्यक्ष अरूण प्रकाश ददुआ, जिला महामंत्री गोपाल वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, हरिशचंद्र, उमेश वर्मा, लालाराम, ध्रुव वर्मा, कालीचरन, विनोद वर्मा, चंद्रप्रकाश वर्मा सहित बड़ी तादाद में व्यापारी इकट्ठे हुए। यहां बैंड की धुन पर युवा व्यापारी थिरके भी। बूंदी बांटी गई। मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, प्रणव मुखर्जी का एक्साइज ड्यूटी की वापसी के लिए आभार जताया गया। अरूण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि यह व्यापारी एकता की जीत है। गोपाल वर्मा, दीपक अग्रवाल ने कहा कि यह जीत साझा है।
फतेहगढ़ की सराफा कमेटी ने आतिशबाजी छुड़ाई। एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। कुमार चंद्र वर्मा ने कहा कि संगठन की ताकत से सफलता मिली है। धर्मेंद्र सिंह, राजकुमार, सुनील कुमार, राजेश वर्मा, शशिकांत, प्रमोद कुमार, विजय सिंह, रामजी, मोतीलाल वर्मा, अमित, दिलीप कुमार, सचिन अग्रवाल, गोपीचंद, जितेंद्र वर्मा, सुरेश वर्मा, ब्रजकिशोर आदि थे।