कमालगंज (फर्रुखाबाद)। भाई को नकली नोट के मामले में अदालत से सजा सुनाये जाने के के सदमे में बड़े भाई की हृदयगति रुक जाने से मौत हो गई।
गांव जरारी निवासी शमशुल को चार मई को फतेहगढ़ की अदालत ने नकली नोट तथा अफीम रखने के मामले में सात साल कैद तथा ६० हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। छोटे भाई को सजा सुनाये जाने के गम उसका बड़ा भाई जाकिर खान वरदास्त नहीं कर सका।
शनिवार को सुबह उसकी ृिदय गति रुक जाने से मौत हो गई। जाकिर खान का देर शाम को गांव के कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है शमशुल को साजिश के तहत नकली नोट तथा अफीम रखने के मामले में फंसाया गया था। उसे बचाने का जाकिर ने काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी गम में उसकी जान चली गई। घर में परिजनों का कोहराम मचा है।