फर्रुखाबाद। मजदूराें को अब महज 10 रुपये में दोपहर का भोजन मिलेगा। मध्याह्न भोजन सहायता योजना को सूबे की अखिलेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है। भोजन पकाने की जिम्मेदारी एनजीओ को दी जाएगी। भोजन वितरण का काम राज्य कर्मचारी कल्याण निगम करेगा। योजना के दायरे में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नियमों के तहत पंजीकृत मजदूर ही आएंगे। जिले में ऐसे मजदूरों की संख्या 19 हजार है।
मजदूरों के हने व भोजन का इंतजाम न होने से उनका स्वास्थ्य व कार्यकुशलता प्रभावित होती है। मजदूरी कम होने से यह पौष्टिक भोजन भी नहीं कर पाते हैं। इनके लिए यूपी सरकार ने मध्याह्न भोजना सहायता योजना लागू की है। इसके तहत इन्हें 10 रु पये में दोपहर का भोजन मुहैया कराया जाएगा। बाकी के पैसे की सब्सिडी कर्मकार कल्याण बोर्ड वहन करेगा। भोजन के लिए मजदूराें को नकद पैसा देना होगा।
यह योजना गैरसरकारी संगठनाें के हवाले रहेगी। इनका चयन टेंडर के जरिए किया जाएगा। इनका टेंडर एक साल के लिए वैध होगा। चयनित एनजीओ भोजन को निर्माण स्थलाें/ मजदूराें के अड्डाें पर राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के लगे स्टालाें पर उपलब्ध कराएंगे। कल्याण निगम के कर्मचारी भोजन वितरित करेंगे। योजना की मॉनीटरिंग कर्मकार कल्याण बोर्ड करेगा।
मीनू 1
सामग्री वजन कैलोरी
रोटी 6 300 ग्राम तैयार
सब्जी 2 250 ग्राम तैयार
गुड़ 20 ग्राम 1200
सलाद 40 ग्राम
अचार -
हरी मिर्च 2 पीस
मीनू 2
सामग्री वजन कैलोरी
चावल 400 ग्राम तैयार
सादी सब्जी 125 ग्राम तैयार
दाल 250 ग्राम तैयार
गुड़ 20 ग्राम 1150
सलाद 40 ग्राम
अचार -
हरी मिर्च 2 पीस
बड़े एनजीओ को मिलेगी जिम्मेदारी
योजना के तहत गैरसरकारी संगठनाें को भोजन पकाने व श्रमिक अड्डाें तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मिलेगी। योजना के तहत ऐसे एनजीओ का चयन किया जाएगा जो कम से कम 2000 मजदूराें का रोज भोजन पका सकें। इनके पास मैकेनाइज्ड किचन हो व भोजन पहुंचाने के सुरक्षित व सुगम इंतजाम होने चाहिए। आवेदन करने वाले एनजीओ के पास फ ूड लाइसेंस, टिन नंबर, सर्विस टैक्स रजिस्ट्र्रेशन भी होना चाहिए।
मजदूर खरीदेंगे कूपन
मजदूरों को योजना के तहत सब्सिडी पर भोजन पाने के लिए राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के स्टाल से कूपन क्रय करने हाेंगे। यह न्यूनतम 6 कूपन खरीदेंगे। यह मीनू का चयन कर कूपन को एक दिन पहले स्टाल पर उपलब्ध कराएंगे।
दोपहर 12 बजे तक दिया जाएगा भोजन
प्रदेश सरकार से योजना की गाइड लाइन मिली है। इसी के तहत योजना संचालित होगी। जिले में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नियमाें के तहत 19 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं।
एसपी सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी