कमालगंज। साधन सहकारी समितियों और इफको खाद के सेंटरों पर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। यहां से ली जाने वाली खाद पर किसानों को प्रति बोरी के हिसाब से बीमा मिलता है। समितियों और सेंटरों से रसीद न दिए जाने के चलते किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
साधन सहकारी समितियों और इफ्को खाद सेंटरों से खाद लेने पर किसानों को बीमा दिए जाने का प्रावधान है। इसके तहत एक बोरी पर चार हजार रुपये का दुर्घटना बीमा किसान को मिलता है। खाद की 25 बोरी तक किसानों को प्रति एक बोरी के हिसाब से चार हजार रुपये का लाभ दिया जाना है। बीमा की अवधि खाद की बोरी खरीदने के एक माह बाद लागू होती है और 11 माह तक चलती है। खेत में पानी लगाते समय सांप के काटने, फसल जल जाने और दुर्घटनाग्रस्त होने पर किसान को बीमा का लाभ मिलता है। इसके लिए खरीदी गई खाद की रसीद लेना आवश्यक है। अगर रसीद नहीं होगी तो किसान को दुर्घटना बीमा नहीं मिलेगा। लेकिन कसबे में स्थित अधिकतर सहकारी समितियों और इफ्को के सेंटरों पर किसानों को खाद रसीद नहीं दी जाती है। इसके चलते किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।
ऐसे मिलेगा लाभ
रसीद पर किसान अपना नाम और नॉमिनी का नाम लिखे। दुर्घटना में मौत हो जाने पर नॉमिनी को क्लेम मिलेगा। इसके लिए नॉमिनी को पीएम रिपोर्ट, खाद खरीद की रसीद और परिवार रजिस्टर की छायाप्रति लगानी होगी।
बोले जिम्मेदार
इफ्को के क्षेत्राधिकारी राजवीर सिंह ने बताया कि प्राइवेट दुकानों से खाद लेने पर किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिलेगा। बताया कि साधन सहकारी समितियों और इफ्को के सेंटरों से खाद लेने पर किसानों को बीमा लाभ मिलेगा। जहां किसानों को रसीद नहीं दी जा रही है। वहां की जांच पड़ताल करवाई जाएगी।