कायमगंज। तहसीलदार पर वेतन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा अमीनों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान इनकी तहसीलदार से जमकर नोकझाेंक हुई। तहसीलदार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कम वसूली के कारण वेतन रोके जाने की बात कही। बताया कि तीन संग्रह अमीनों के खिलाफ विभागीय कारवाई की गई है।
एसडीएम बीडी वर्मा को पांच सूत्रीय ज्ञापन देकर तहसीलदार शेख आलम गीर के पास वेतन बिल पर हस्ताक्षर कराने पहुंचे अमीनों और तहसीलदार के बीच मंगलवार को तीखी नोकझोंक हुई। झगड़े के अंदेशे और शोर पर तहसील कर्मी कार्यालय की ओर दौड़ पड़े। अमीनों का कहना था कि उन्होंने तहसीलदार से वेतन बिल पर हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने कागज फेंक दिए। साथ ही प्रति अमीन 5-5 सौ रुपये की मांग की। उनके इंकार पर तहसीलदार ने सर्विस बुक पर हस्ताक्षर करने और वेतन से इंकार कर दिया। इस पर अमीन उनके कार्यालय के बाहर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। अमीनों का आरोप था कि तहसीलदार ने उनसे पिछले महीने 5-5 सौ रुपये लिए थे। इस बार भी पैसे मांग रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि उन पर लगाया आरोप गलत है। तहसील में 21 अमीन हैं। इन्होंने पूरे माह में 6 लाख की वसूली की है। इनका वेतन 9 लाख रुपये है। इससे सितंबर में जिलाधिकारी ने वेतन रोका था। इस बार एसडीएम द्वारा वेतन रोका गया है। इनसे वसूली बढ़ाने को कहा गया है। उन पर लगाया जा रहा आरोप निराधार है। कार्य में लापरवाही पर तीन संग्रह अमीन अवधेश, अनिल सिंह चौहान और शिवराज के खिलाफ विभागीय कारवाई की गई है। शाम होने पर अमीन अपने घरों को चले गए। इनका कहना था उनका प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहेगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह, वासिफ अली, सदाराम, राजेश कुमार, कुमोद कुमार, सुरेंद्र यादव, श्रीपाल, राजीव कुमार, अजीत कुमार, उपेंद्र आदि मौजूद रहे।