फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी मंगलवार को अचानक सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे तो यहां दलालों में भगदड़ मच गई। उनके निर्देश पर सुरक्षा कर्मियों ने लाठी चटकाकर दलालों को परिसर तक से खदेड़ दिया। इस पर भगदड़ मचने से मैदान में खड़ी बाइकें गिर गईं। एक वकील समेत आठ लोगों को पकड़ कर कोतवाली भेज दिया गया। इसकी जानकारी पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव समेत कई वकील कोतवाली पहुंचे। यहां डीएम से वार्ता करने के बाद इनको छोड़ दिया गया।
फतेहगढ़ स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में दलालों का जमघट लगा रहता है। यहां फजीवाड़ों आदि की शिकायतों पर जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने मंगलवार को सुरक्षा कर्मियों के साथ एआरटीओ में छापा मारा। डीएम कार्यालय में घुसे तो वहां बाबुओं के पास भीड़ लगाए दलालों में भगदड़ मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने दलालों को कार्यालय और परिसर से खदेड़ा। इस कारण मैदान में खड़ी बाइकें गिर गईं। श्री चौहान ने दलाली के शक में एक वकील व आठ लोगों को पकड़ कर कोतवाली भेज दिया। वकील के पकड़े जाने की जानकारी पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपनेश सक्सेना, महामंत्री संजीव पारिया समेत एक दर्जन वकील कोतवाली पहुंचे। इन्हाेंने डीएम से मुलाकात कर वार्ता की। इस पर पहले वकील और फिर अन्य युवकों को पूछताछ कर छोड़ दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यालय में एआरटीओ नहीं थे। कर्मचारी कम दलाल अधिक थे। दलालों को पकड़ने के लिए सीओ सिटी को निर्देश दिए हैं। अब कार्यालय खुलने और कर्मचारियों के अंदर जाने के बाद ताला लगा दिया जाएगा। वह शाम को खोला जाएगा। इसके निर्देश एआरटीओ को दिए हैं।
कबाड़े की तरह भरे फार्म
कार्यालय में लाइसेंस की पत्रावलियां कबाडे़ की तरह भरी हैं। इनको कार्यालय के गेट के पास रख दिया गया है। कोई भी आकर यहां से कागज गायब कर सकता है। कई फर्जीवाड़ाें का खुलासा होने के बाद भी अधिकारी चेतते नजर नहीं आ रहे हैं।
फर्जी पंजीकरण के आरोपी भागे
वाहनों का फर्जी पंजीकरण कराने में जिन दलालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उनका कार्यालय में दबदबा अभी भी है। डीएम के पहुंचते ही आरोपी कार्यालय से निकल कर प्रांगण में आ गए और खिसक गए। डीएम ने सीओ सिटी वाईपी सिंह को दलालों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। हालांकि पुलिस के पास ऐसी कोई सूची नहीं है जिससे दलालों की पहचान की जा सके। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं, वह गिरफ्त से दूर हैं।
फार्म बिक्री और फीस में उगाही
फर्रुखाबाद। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय फतेहगढ़ में दो रुपये के फार्म के दस रु पये और लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की फीस 60 के स्थान पर 80 रुपये वसूली जा रही है। यह वसूली लिपिकों के साथ बैठने वाले दलाल करते हैं। असली और फर्जी लाइसेंस की जांच के नाम पर लाइसेंसधारकों को हजारों रुपये बहाने पड़ते हैं। फिर भी लाइसेंस समय से बनकर नहीं मिलता। वाहन चालकों की पीड़ा पर पड़ताल करती रिपोर्ट-
केस: एक
अवनीश कुमार ने बताया कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को कार्यालय से दो रुपये का फार्म दस रुपये में मिला। 60 रुपये की जगह 80 रुपये फीस ली गई। रसीद 60 रुपये की दी गई। अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलते हैं। इस कारण कारण लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। कार्यालय के कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं।
केस: दो
अमित कुमार कहना है कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए दो रुपये का फार्म कर्मचारी ने दस रुपये में दिया। फार्म के साथ जब फीस जमा करने गया तो 60 की बजाए 80 रुपये लिए गए। वह एक सप्ताह से लाइसेंस बनवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लाइसेंस नहीं बन पाया।
केस: तीन
केशवराम का कहना है कि वह रोडवेज में संविदा पर चालक थे। लाइसेंस रिन्यूवल के लिए आवेदन किया। कार्यालय से लाइसेंस फर्जी बताकर इसका सत्यापन कानपुर से कराने को कहा गया। यहां से लेकर कानपुर कार्यालय तक सत्यापन कराने में 2000 रुपये सुविधा शुल्क देना पड़ा। सत्यापन हो गया तो एक माह से लाइसेंस जारी नहीं किया जा रहा है। इसके चलते उसकी संविदा समाप्त हो गई।