कायमगंज। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। कोरम पूरा न होने पर दावेदार ने एसडीएम को प्रस्ताव वापस लेने का पत्र दिया। एसडीएम ने बताया कि अब संविधान के अनुसार अगले एक साल तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
बीडीसी चंद्रपाल सिंह यादव ने ब्लाक प्रमुख केके चतुर्वेदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र डीएम को दिया था। डीएम ने 15 फरवरी की तिथि मुकर्रर की थी। एसडीएम की उपस्थिति में ब्लाक कार्यालय में बैठक बुलाई गई। एसडीएम प्रहलाद सिंह ब्लाक कार्यालय के सभागार में क्षेत्र पंचायत सदस्यों का इंतजार करते रहे। लेकिन एक भी क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले चंद्रपाल यादव कुछ देर बाद वहां पहुंचे और एसडीएम को पत्र सौंपा। उन्होंने एसडीएम को दिए पत्र में बैठक तिथि में बदलाव किए जाने की मांग की, जिस पर एसडीएम ने बताया कि तिथि संशोधन का कोई प्रावधान नहीं है। निर्धारित समय के बाद कटिया ग्राम सभा के दो बीडीसी अनवर खां और कैसर खां बैठक में पहुंचे, जिन्हें एसडीएम ने समय सीमा खत्म होने की जानकारी दे लौटा दिया। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुसार अब आगामी एक साल तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला जा सकता है। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में किसी प्रकार से शांति व्यवस्था न प्रभावित हो इसके लिए भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी तैनात रही।
सदस्यों ने पुलिस पर लगाया भगाने का आरोप
कायमगंज। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को लेकर भारी फोर्स तैनात की गई थी। इस दौरान तमाम बीडीसी ने पुलिस पर उन्हें खदेड़ने का आरोप लगाया। इस संबंध में डीएम को पत्र भी भेजा गया है।
बीडीसी कृष्ण पाल सिंह, उदयवीर, देवेंद्र शर्मा, पोहप सिंह, अजय कुमार, अर्जुन सिंह, प्रदीप, कैलाश चंद्र, नीरज कुमारी, ममता, राकेश, सुशीला, मंगूलाल, सूरजपाल, इबरार अली, जुनैद, अवधेश, शनिकुमार, शमीम, सोबरन, गंगादेवी, रामवती, कल्यान पाल, पप्पी, अजय, मुन्नीदेवी सहित दो दर्जन सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र में कहा गया है कि वे सुबह 10.30 बजे ब्लाक कार्यालय पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें लाठियां पटक कर भगा दिया। एसडीएम ने 11.50 बजे सदस्यों के न आने पर प्रस्ताव गिर जाने की घोषणा कर बैठक खत्म कर दी। सदस्यों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए डीएम से कारवाई निरस्त करने की मांग की है। इस एसडीएम प्रहलाद सिंह ने बताया कि बैठक का समय समाप्त होने के बाद एक दो सदस्य आए थे। उन्होंने सदस्यों के आरोप को गलत बताया।