गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ से तराई क्षेत्र में बसे गांवों की 728 हेक्टेयर की फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। इसका आंकलन करने का काम शुरू कर दिया गया है। अभी भी दो गांवों में जाने वाले रास्तों में पानी भरा हुआ है।
गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अमृतपुर और कायमगंज और सदर तहसील के तराई क्षेत्र में बसे लगभग 38 गांव प्रभावित हुए थे। इन गांवों के ग्रामीणों की खेतों में की गई फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है।
सबसे ज्यादा अमृतपुर क्षेत्र के गांव मंझा की मढैया, फकरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, कुडरी सारंगपुर, जोगराजपुर, ऊगरपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, परतापुर, तीसराम की मढैया, जटपुरा कैलयाई, माखन नगला समेत अन्य गांव प्रभावित हुए है। शमसाबाद का गांव अलादपुर भटौली समेत करीब छह गांव की फसल सबसे ज्यादा नष्ट हुई है।
जिला कृषि अधिकारी की ओर से अभी तक कराए गए सर्वे में 38 गांव बाढ़ की चपेट में आने का मामला सामने आया है। इन गांवों की 728 हेक्टेयर की फसल बाढ़ से प्रभावित होने की रिपोर्ट तैयार की गई है। किसानों को कितना नुकसान हुआ है। इसका आंकलन किए जाने का काम चल रहा है।
गंगा और रामगंगा का जलस्तर कापी कम होने के बावजूद अभी भी गांव हरसिंहपुर कायस्थ और ऊगरपुर जाने वाले मार्ग के आस पास पानी भरा हुआ है। यहां के ग्रामीण पानी भरे होने के कारण काफी परेशान है।