फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सुरक्षा को लगी महिला होमगार्ड ने ड्यूटी करने से हाथ खड़े कर लिए हैं। उन्होंने वार्डन और विद्यालय के स्टाफ पर नौकरों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस मामले को होमगार्ड जिला कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेकर बीएसए को पत्र लिखा कर बा विद्यालय की वार्डन और स्टाफ के व्यवहार से अवगत कराया है।
जिले में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय है। इसमें डीएम के आदेश पर सुरक्षा को आठ-आठ घंटे के लिए महिला होमगार्ड लगाई गई है। यह पूरे माह ड्यूटी करती हैं। होमगार्ड रानी तिवारी, संतोष तिवारी, गीता देवी, शारदा देवी, सरोज चौहान, मिथलेश चौहान, रेखा राठौर, सुमन कुमारी समेत 25-26 होमगार्ड ने जिला कमांडेंट को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि बा विद्यालय की वार्डन और स्टाफ उनके साथ नौकरों जैसा व्यवहार करता है। बा विद्यालय राजेपुर, कायमगंज, कमालगंज की वार्डन अपनी कुर्सी उनसे उठवा कर धूप में डलवाती हैं। इसके बाद कुर्सी उठवा कर कार्यालय में रखवाती हैं। फुल टाइम टीचर अभद्र व्यवहार करती हैं। बा विद्यालय की वार्डन रात के समय बार-बार परेशान करती हैं। इससे वह बा विद्यालय की ड्यूटी नहीं कर सकती हैं।
जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बीएसए रामसिंह को भेजे पत्र में कहा कि रात्रि कालीन ड्यूटी करने वाली महिला होमगार्डों में कुछ के छोटे-छोटे बच्चे हैं। रात्रि की ड्यूटी के दौरान वार्डन व फुल टाइम टीचर होमगार्ड के साथ कोई सहयोगात्मक व्यवहार नहीं करती हैं। इससे बा विद्यालय की वार्डन व स्टाफ को आचरण में सुुुधार लाने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि महिला होमगार्ड रात्रि कालीन ड्यूटी करती रहे।