सभी ब्लाक में बनेंगे चारागाह
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में निराश्रित पशुओं के लिए चारागाह विकसित करने तथा कान्हा उपवन केंद्र के लिए भूमि चयन की समीक्षा सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में की गई। इसमें ग्राम विकास अधिकारियों ने गांवों में चिह्नित की गई भूमि के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने शनिवार को होने वाली मीटिंग में एस्टीमेट समेत आने को कहा।
समस्त ब्लाकों में चारागाह की खाली पड़ी जमीनों पर चारागाह विकसित किया जाएगा। इसकी तैयारियां कर ली गई हैं।
सोमवार को इसके संबंध में बैठक हुई। ब्लाकों में चयन की गई जमीनों के विषय में बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पहले गैर विवादित स्थानों पर चारागाह बना लिए जाएं। इसके लिए उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों को अगली बैठक में एस्टीमेट समेत आने को कहा। इन चारागाहों में पशुओं को रखने के लिए बाड़ा, पीने के पानी के लिए बोरिंग, टीनशेड, चरनी, पौधरोपण, खाई खुदवाने एवं दो कमरों का निर्माण करवाया जाएगा। इस दौरान विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह ने कहा कि तहसील स्तर पर अनेकों सरकारी लाभकारी योजना होने के बाद भी ग्रामीण स्तर पर नकारात्मक संदेश जा रहा है।
किसानों की समस्याओं का निदान त्वरित गति से किया जाए। उन्होंने बताया कि नगला बाग राठौरा, भटकूरी, बीधामऊ एवं कानेमऊ चरागाह की जमीन पर कब्जा है उसे तत्काल हटवाया जाए। चारागाहों की जमीनों पर पशुओं के लिए हरा चारा कराने के निर्देश दिए।
विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य ने कहा कि जनपद में गंगा नदी व राम गंगा के किनारे बहुत कटरी की जमीन है। इस पर चारा उगवाकर चारागाहों के लिए उपलब्ध करवाया जा सकता है। अपर जिलाधिकारी राजस्व ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर डिफाल्टर प्रकरणों को तत्काल निस्तारण करना सुनिश्चित करें ताकि जनपद की रैकिंग पर प्रभाव न पड़ सके। अपर जिलाधिकारी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी बीडीओ व एपीओ आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने मांगी गंगा व रामगंगा की जल गुणवत्ता रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। गंगा नदी में जल गुणवत्ता इकाई बंदीकरण की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी ने बताया कि अब तक इकाइयों की बंदीकरण की रिपोर्ट विद्युत निगम ने नहीं दी है। अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय ने बताया कि अब तक 56 इकाइयों के विद्युत कनेक्शन काट दिए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि रामगंगा, गंगा नदी व काली नदी की जल गुणवत्ता को चेक करने के लिए नदियों से सप्ताह में मंगलवार व शुक्रवार को नमूना लेकर परीक्षण कराया जाता है। इसकी रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर दर्ज कराई जाती है। जिलाधिकारी ने साप्ताहिक परीक्षण रिपोर्ट की एक-एक प्रति जिलाधिकारी कार्यालय एवं नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में इओ नगर पालिका ने बताया कि टोका घाट से गंगा नदी की ओर जाने वाले नाले को डायवर्ट कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने पांच स्वीकृत इकाइयों के आउटलेट पर वेब कैमरा लगवाने के निर्देश दिए। बैठक में उद्यमियों ने प्रिंट का कार्य करने वाली इकाइयों को खोलने की स्वीकृत प्रदान करने की मांग की। डीएम ने कहा कि उसके लिए विधिवत आनलाइन प्रत्यावेदन कर मानक के अनुसार स्वीकृति ले सकते हैं। नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय एवं संबंधित अधिकारी व उद्यमी उपस्थित रहे।