फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल और परिसर में बिजली की हालत बदतर है। रात में कुछ देर कम वोल्टेज की बिजली मिली, मगर दिन में सात घंटे के लिए काट दी गई। शाम साढ़े चार बजे आपूर्ति बहाल की गई, तो वोल्टेज समस्या ने दिक्कतें खड़ी कर दीं।
लोहिया अस्पताल में बिजली की समस्या स्थायी बनती जा रही है। अस्पताल परिसर में बिजली आती, तो कम-ज्यादा वोल्टेज दिक्कत खड़ी करते हैं। बिजली गुल होने के बाद जनरेटर नहीं चलाया जाता। लिहाजा कमरों में अंधेरा और पंखे एसी बंद होने से भीषण गर्मी में लोग बेहाल हो रहे हैं। बुधवार को सुबह नौ बजे आवासीय परिसर की बिजली काट दी गई। इसके बाद पूरी दोपहरी लोग बेहाल रहे। शाम साढ़े चार बजे आपूर्ति बहाल की गई। दिन में बिजली कटौती के दौरान कर्मचारियों ने इस की सीएमएस से शिकायत की, तो उन्होंने कहा कि सभी को मीटर लगाने का निर्देश है, तो फिर क्यों नहीं लगवाए जा रहे हैं। विभागीय निर्देश हैं कि मीटर लगाए जाएं। तभी बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकेगी।
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1050 बिजली बिल और चल रहे तीन-तीन एसी
डॉक्टरों, पैरामेडिकल के आवासों में दो व तीन-तीन एसी लगे हैं। जबकि बिल मात्र 1050 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। घरों में कई-कई एसी और इंडक्शन पर खाना बनाने का काम किया जाता है। सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि आवासों में मीटर लगाने के निर्देश हैं। इसके बावजूद कर्मचारी नहीं लगाने दे रहे हैं। अस्पताल से अधिक आवासों में लोड है। इसीलिए दिक्कत आ रही है।