नये साल के पहले दिन कोहरे ने करंट को झटका मार दिया। जगह-जगह 33 हजार लाइन के इंसुलेटर पंचर होने से करीब 650 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। दिन भर कर्मचारियों की मशक्कत करने के बाद देर शात तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। मोहम्मदाबाद नीबकरोरी ट्रांसमिशन से नवाबगंज और हजियांपुर में स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र को 33 हजार लाइन गई है। शनिवार रात कोहरा होने और ओस गिरने से 33 हजार लाइन के जगह-जगह इंसुलेटर पंचर हो गए। इस कारण नवाबगंज और हजियांपुर विद्युत उपकेंद्र को जाने वाली बिजली सप्लाई बंद हो गई।
इससे नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र से संचालित अटसैनी, रुरल, टाउन, सिरमौरा फीडरों से करीब 250 गांवों को बिजली सप्लाई नहीं हो सकी। यहीं हाल हजियांपुर विद्युत उपकेंद्र का रहा। इस उपकेंद्र से हजियांपुर, हरसिंहपुर, रोशनाबाद और मंझना फीडर से करीब 250 गांवों को बिजली सप्लाई दी जाती है। 33 हजार लाइन में फाल्ट होने के कारण सभी फीडर बंद रहे और गांवों की आपूर्ति ठप रही। फतेहगढ़ में भोलेपुर-बेवर रोड स्थित ट्रांसमिशन से राजेपुर में एक और अमृतपुर में स्थित दो 33/11 विद्युत उपकेंद्र को 33 हजार लाइन गई है। इस लाइन के भी इंसुलेटर कोहरे में पंचर हो गए।
इस कारण राजेपुर विद्युत उपकेंद्र को बिजली सप्लाई न मिलने से चपरा, सलेमपुर, कसबा व कोल्ड फीडर से करीब 100 गांवों को होने वाली बिजली सप्लाई नये साल के पहले दिन बंद रही। अमृतपुर विद्युत उपकेंद्र से अमृतपुर, चपरा और कोल्ड फीडर से करीब 50 गांवों की बिजली सप्लाई पूरे दिन बंद रही। तहसील अमृतपुर को 24 घंटे बिजली दिए जाने के लिए अलग से उपकेंद्र बनाया गया है। यह उपकेंद्र भी बिजली सप्लाई न मिलने के कारण बंद रहा। एक्सईएन अमर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को फाल्ट खोज कर ठीक किए जाने के निर्देश दिए गए है। जल्द सप्लाई शुरू करा दी जाएगी।