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डिबार के विरोध में शुरू हुई हड़ताल की वकीलों ने की खिलाफत

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फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकीलों के डिबार होने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने के निर्णय की वकीलों ने खिलाफत कर दी है। उन्होंने जिला जज को ज्ञापन देकर न्यायिक कार्य से विरत रहने के निर्णय को अवैध करार दिया है।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, चुनाव समिति के सदस्य डॉ. अनुपम दुबे, दीपक द्विवेदी और शिव प्रताप सिंह उर्फ चीनू को बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष अनुशासन समिति ने दस साल के लिए डिबार कर दिया है। इस निर्णय के खिलाफ बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में 26 व 27 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के इस निर्णय का दूसरे गुट के वकीलों ने विरोध किया। दूसरे गुट के वकीलों ने जिला जज को ज्ञापन दिया है।

इसमें कहा कि पांच वकीलों को बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष अनुशासन समिति ने डिबार किया है। इसके खिलाफ में बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव ने कार्य से विरत रहने का निर्णय जारी कर चस्पा कर दिया है। इस हड़ताल के संबंध में सदन की कोई मीटिंग बुलाने का अधिकार पदाधिकारियों को नहीं है। सदन में आम सभा की कोई बैठक भी नहीं हुई है। यह हड़ताल अवैध है। इससे वकील अदालतों में न्यायिक कार्य करते रहेंगे। इस दौरान राजकुमार सिंह राठौर, कुंवर सिंह यादव, नरेश सिंह यादव, धर्मवीर गौतम, मोहित समेत अन्य वकील मौजूद रहे।
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