फर्रुखाबाद। सीबीएसई स्कूलों में 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। हर दिन एक घंटा खेलकूद के लिए भी होगा। सीबीएसई ने इसकी आनलाइन रिपोर्ट मांगी है।
दसवीं और बारहवीं सीबीएसई परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों की सूची के साथ स्कूलों में बोर्ड की वेबसाइट पर हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन की आनलाइन रिपोर्ट देनी होगी। इसका एक फॉर्मेट भी तैयार किया गया है। हेल्थ एक्टिविटी नाम से इस फॉर्मेट में ही विद्यालयों की यह रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने सभी स्कूलों को भेजे गए पत्र में इसका भी जिक्र किया है कि विद्यालय इस हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन की आनलाइन रिपोर्ट के बगैर बोर्ड परीक्षार्थियों की सूची पूरी नहीं मानी जाएगी।
खेलों के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए लिया गया निर्णय
स्कूली बच्चों में खेल के प्रति रुझान बढ़ाने और उन्हें खेलों से जोड़ने के लिए सीबीएसई ने यह अहम पहल की है। सीबीएसई स्पोर्ट्स के अंतर्गत 20 खेलों में से हर छात्र को कोई एक खेल चुनना ही पड़ेगा। हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन के तहत हर दिन एक क्लास स्पोर्ट्स के लिए अनिवार्य रूप से लगाने को कहा गया है। इसमें बच्चों को स्कूल के मैदान तक पहुंचकर किसी न किसी गतिविधि में हिस्सा लेने का प्रावधान रखा गया है।
रिपोर्ट नहीं भेजने पर पंजीकरण नहीं
सीबीएसई के कोआर्डिनेटर बलविंदर सिंह ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को खेल के पीरियड के लिए दिशा निर्देश काफी पहले जारी किए जा चुके हैं। खेल गतिविधियों का स्कूल के बच्चों को ग्रेड भी दिया जाएगा। यह हर छात्र के लिए अनिवार्य है। जो इन खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेगा उसे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही जो स्कूल कोर्स और एक्टिविटी नहीं भेजेगा उनके छात्रों को सीबीएसई की ओर से पंजीकृत नहीं किया जाएगा ।
इन खेलों में से एक को चुनना होगा
हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन के अंतर्गत छात्रों को एथलेटिक्स, तैराकी, बास्केटबॉल, हॉकी, कबड्डी, फुटबॉल, हैंडबाल, जूडो, ताइक्वांडो, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, वॉलीबाल, जिम्नास्टिक, रेसलिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स में से कोई एक खेल चुनना है। छात्र एक से अधिक खेल भी चुन सकते हैं लेकिन कम से कम एक खेल खेलना अनिवार्य है।