जहानगंज (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र के गांव कुंदन गनेशपुर स्थित मां भवानी बीज भंडार पर रविवार को कंपनी के अधिकारियों ने छापा डाला। मौके पर 46 पैकेट नकली कीटनाशक पकड़ी गई।
मौके पर पहुंचे जिला कृषि अधिकारी ने छानबीन करने के बाद बरामद नकली कीटनाशक के पैकेटों की बिक्री पर रोक लगा दी है। दुकान में असली के भाव नकली कीटनाशक बेची जा रही है। मामले में नमूने लेकर जांच के लिए भेज गए हैं।
आलू की फसल को घुंघिया रोग से बचाव के लिए कुंदन गनेशपुर स्थित मां भवानी बीज भंडार पर बायर कंपनी की नकली रिजेंट अल्ट्रा दवाई बेची जा रही थी। कंपनी को इसकी शिकायत मिली थी। इस पर कंपनी ने इसकी जानकारी अपनी नोएडा स्थित कंसल्टिंग कंपनी ट्रयूबडी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को दी।
इस पर कंपनी के सहायक प्रबंधक प्रेम शर्मा, आशीष जुगाड़िया जहानगंज थाने पहुंचे। पुलिस को सूचना देने के बाद उन्होंने अपनी टीम के एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर कीटनाशक खरीदने के लिए मां भवानी बीज भंडार पर भेजा।
इस दौरान उसने दवाई खरीदने के साथ ही अपनी लोकेशन अधिकारियों को भेजी। कुछ ही देर में पुलिस के साथ कंपनी के सहायक प्रबंधक और कृषि रक्षा अधिकारी सतीश कुमार भी वहां पहुंच गए। दुकान पर तलाशी में नकली दवाई के चार किलो वजन के 46 पैकेट बरामद हुए।
एक पैकेटे 600 रुपये में बेचा जा रहा था। दुकान पर करीब दो घंटे से अधिक समय तक छानबीन चलती रही। कृषि रक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि कंपनी के अधिकारी नकली दवाई बता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एग्री रसायन क्लीनिक का लाइसेंस विपिन कुमार के नाम से है। संभावित नकली दवाई फिप्रोलिन का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। लैब की जांच से पता चलेगा कि इस दवाई में जो केमिकल व रसायन मिलाए गए हैं, वह आलू की फसल के लिए नुकसान हैं या लाभदायक। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मौके पर बरामद दवाई के 46 पैकेट की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं बायर कंपनी के सहायक प्रबंधक प्रेम सिंह ने बताया कि लाइसेंस धारक विपिन कुमार वहां से निकल गया। उसके पिता रामरहीस के सामने जांच की गई। नकली दवाई बेचने के मामले में वह एफआईआर दर्ज कराएंगे।