फर्रुखाबाद। जनपद में दो वर्ष पूर्व चिह्नित स्वच्छकारों को स्वावलंबी बनाने की शासन से कवायद शुरू कर दी गई है। इन्हें रोजगार मुहैया कराने को 50 प्रतिशत तक अनुदान पर ऋण दिया जाएगा। इससे वह 25 हजार से 15 लाख तक का ऋण लेकर अपना व्यवसाय कर सकेंगे।
मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन के तहत शासन के निर्देश पर वर्ष 2018 में जिले के स्वच्छकारों का सर्वे किया गया था। इसमें 1097 मैला ढोने वाले चयनित किए गए थे। उन्हें इस काम को छोड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ 40-40 हजार रुपये दिए गए थे।
अब इन स्वच्छकारों को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ओर से स्वच्छकारों को 25 हजार से लेकर 15 लाख तक का ऋण दिया जाएगा। फिलहाल जिले में 274 स्वच्छकारों को ऋण देने का लक्ष्य है।
रोजगार के लिए चयनित स्वच्छकार के अलावा इच्छुक परिजनों में पुत्र, पति या पुत्री भी ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 25 हजार से दो लाख तक ऋण लेने वालों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा जबकि दो लाख से 15 लाख तक का ऋण लेने वालों को 30 प्रतिशत अनुदान के साथ अधिकतम 3.25 लाख तक की छूट मिलेगी।
चयन के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा ने ब्लाक वार लक्ष्य निर्धारित करते हुए बीडीओ को पत्र भेजा है। इसमें लाभार्थियों का चयन होने के साथ ही बैंक में ऋण आवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
कहां कितने हैं स्वच्छकार और कितने को मिलेगा लाभ
आवासीय क्षेत्र चयनित स्वच्छकार लक्ष्य
शहरी क्षेत्र 272 68
राजेपुर 102 25
नवाबगंज 50 12
कायमगंज 212 55
कमालगंज 92 23
शमसाबाद 117 29
मोहम्मदाबाद 195 48
बढ़पुर 57 14
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कुल 1097 274
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