During the passing out parade, the youngsters past the march past.
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सिखलाइट रेजिमेंट सेंटर के 262 रिक्रूट्स राष्ट्र रक्षा की शपथ लेकर सेना का हिस्सा बने। ब्रिगेडियर ने परेड की सलामी लेकर जवानों को जोश में होश न खोने की नसीहत दी। मैदान पर सात प्लाटूनों के 262 जवानों ने देश की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राण न्यौछावर करने की कसम खाई।
मैदान पर सधे कदमों से मार्च पास्ट करते जवानों का हौसला देखते ही बनता था। रेजिमेंट सेंटर के ब्रिगेडियर एसके सेंगर ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। उन्होंने जवानों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि 11 माह पूर्व जो बच्चे फ ौज को दिए थे, उनको प्रशिक्षण देकर राष्ट्रभक्त जवान बना दिया है। उन्हाेंने कहा कि जवान को कभी जोश में होश नहीं खोना चाहिए। युद्ध के मैदान में होश खोने का मतलब है जीवन को खतरे में डालना। कहा कि जीवन में बेसिक ट्रेनिंग को कभी मत भूलना। अनुशासन ही जवान की सबसे बड़ी पूंजी है। ब्रिगेडियर ने कहा कि खेल में महारथ हासिल करने वाले जवानों को रेजिमेंट की ओर सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान कार्यवाहक सूबेदार मेजर ट्रेनिंग जगमेल सिंह, हवलदार सुखदेव सिंह, जगदीप सिंह, रविजीत सिंह आदि मौजूद रहे।