फर्रुखाबाद। पहले चरण का चुनाव कराकर लौटीं बसें अब सीआरपीएफ जवानों को लेने उत्तराखंड चली गईं। एक साथ 25 बसें जाने से बस अड्डे पर फिर यात्रियों के सामने समस्या खड़ी हो गई। तीन-तीन घंटे इंतजार के बाद धक्का-मुक्की के बीच बस में यात्रा करना मजबूरी हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली, आगरा और लखनऊ रूट के यात्रियों को हो रही है।
पहले चरण का चुनाव कराने के लिए जिले की फोर्स लेकर 26 बसें गई थीं। ये बसें चुनाव कराकर लौट आईं। अब 25 बसें उत्तराखंड से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को लेने रवाना हो गईं। इनमें दिल्ली रूट की सबसे ज्यादा 20 बसें शामिल हैं।
आगरा की चार और लखनऊ की एक बस चुनाव ड्यूटी पर गई है। ये बसें कब वापस आएंगी, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि बसें चुनाव कराने के बाद ही वापस आएंगी। रविवार को हालात ऐसे रहे कि हरदोई, कानपुर, आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, अलीगढ़, बदायूं, शाहजहांपुर आदि शहरों को जाने वाले यात्री तीन-तीन घंटे इंतजार करते रहे।
रविवार को शाम चार बजे तक दिल्ली के लिए सिर्फ दो बसें भेजी गईं, जबकि सामान्य दिनों में 15 बसें रवाना हो जाती थीं। इसी तरह आगरा के लिए सात बसें ही गईं। कानपुर के लिए तीन बसें ही जा सकीं। लखनऊ तीन, बदायूं एक और हरदोई के लिए दो बसें रवाना हुईं। लोकल मार्गों पर सासापुर, धीरपुर और साहबगंज-नौली बस भी भेजी गई। बसें न मिलने से बस अड्डे पर यात्री खासे परेशान हैं। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी गौरीशंकर ने बताया कि चुनाव की वजह से दिक्कत है। बसें कब वापस आएंगी, यह पता नहीं है।
डग्गामार बसों की हुई चांदी
बस स्टैंड के सामने पेट्रोल पंप पर दिन भर रोडवेज के रंग वाली डग्गामार बसें खड़ी रहीं। इन बसों में कभी दिल्ली तो कभी कानपुर की सवारियां बैठाई गईं। कानपुर रावतपुर तक 160 रुपये हर यात्री से लिए गए। मौका पाते ही डग्गामार बसों के संचालक बस अड्डे के अंदर से सवारियों को लेकर आते रहे। तैनात सुरक्षा कर्मियों ने इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई।
रोडवेज बस अड्डे पर बस में चढ़ने को लेकर होती धक्कामुक्की। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD