डकैती के मामले में दो को पांच साल की सजा
क्रासर
मां-बेटी की हत्या कर लाखों की पड़ी थी डकैती
तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में किए गए दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती की न्यायाधीश इंदू द्विवेदी ने डकैती में मां-बेटी की हत्या और पिता को घायल करने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में डकैती के मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव जीरागौर निवासी अब्दुल हसीन के घर 1 मई 2016 की रात डकैती पड़ी थी। बदमाशों ने आंगन में लेटे अब्दुल शमीम, इनकी पत्नी मशवरी बेगम व पुत्री महरोज बानो को लाठी-डंडों व सरिया से पीट कर गंभीर घायल कर दिया था। छत पर सो रहा पुत्र अब्दुल हसीन सुबह उठकर नीचे आया तो पिता, मां और बहन को खून से लथपथ पड़ा देखा। तीनों घायलों को परिजन सीएचसी कमालगंज लेकर गए। वहां मां मशवरी बेगम और बहन महरोज बानो को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पिता अब्दुल शमीम को सीएचसी से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था। अब्दुल हसीन ने कमालगंज थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 35 हजार रुपये, 85 ग्राम सोने और 600 ग्राम चांदी के जेवर लूटे जाने का जिक्र किया।
पुलिस ने कन्नौज जिले के थाना तिर्वा के गांव रामपुर बिनौरा निवासी आजिल उर्फ लड्डू उर्फ पत्थर उर्फ राजा और थाना तिर्वा के मंडी बाजार निवासी विजय सिंह को पकड़ा था। इनके पास से 15 हजार रुपये, एक अंगूठी और पायल बरामद की थी। पुलिस ने विवेचना कर शाहजहांपुर जिले के थाना जलालाबाद के गांव लखरौआ बड़ोला निवासी शाहीन, कन्नौज के थाना रामपुर बिनौरा निवासी जमील, आजिल, तिर्वा थाने के गांव कनपुरा निवासी रिज्जू उर्फ नाजिम उर्फ अरिज्जो उर्फ आरिज, विशाल उर्फ इस्तखार उर्फ राजा, कनपुरा निवासी नाहिम उर्फ मैली उर्फ भौसी उर्फ मेंहदी, मंडी बाजार निवासी विजय सिंह के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी शाहीन व जमील की पत्रावली अलग कर दी गई।
अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिव नरेश सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने नाहिम, रिज्जू, विशाल को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी आजिल और आरोपी विजय सिंह को डकैती के बरामद हुए माल के मुकदमे के आरोप में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
मुकदमे में विवेचक ने बरती लापरवाही
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती की न्यायाधीश इंदू द्विवेदी ने पुलिस की विवेचना पर टिप्पणी की है। उन्होंने निर्णय में कहा कि विवेचक ने इतनी गंभीर घटना, जिसमें दो महिलाओं की निर्मम तरीके से हत्या की गई व एक कोे घायल किया गया। अत्यंत सतही विवेचना की गई। मौके से साक्ष्य एकत्र करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी आवश्यक साक्ष्य एकत्र नहीं किया गया। माल बरामदगी के समय साक्षीगण की उपस्थिति के संबंध में भी पुलिस साक्षियों के द्वारा झूठा बयान दिया गया। विवेचक के इस लापरवाही पूर्ण कार्य से उनके विरुद्घ कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।