फर्रुखाबाद। जिले के आयुष्मान लाभार्थी ने कानपुर के रामा हॉस्पिटल में दवाओं आदि के नाम पर रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया है। रुपये न देने पर उसका गोल्डन कार्ड रख लिए जाने की बात भी कही है। गुरुवार को पीड़ित जब लोहिया अस्पताल में गोल्डन कार्ड बनवाने पहुंचा तब इसकी जानकारी हुई। इस पर अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
शमसाबाद विकास खंड के गांव रमपुरा निवासी सुरेश चंद्र को बलगम में ब्लड आने की समस्या है। आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं। 26 जनवरी को वह प्रधानमंत्री का पत्र लेकर कानपुर के मंधना स्थित रामा हॉस्पिटल में इलाज के लिए गए थे। वहां पर उन्हें करीब दस दिन भर्ती किया गया। दवाओं के नाम पर रुपये की मांग की गई। उन्होंने रुपये देने मना कर दिया। इस पर अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि कुछ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दस दिन में उससे करीब आठ हजार रुपये वसूल लिए गए। सुरेश ने बताया कि उसका गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अंगूठा लगवाया गया। इसके बाद उससे 100 रुपये मांगे गए। जब उसने रुपये देने से मना कर दिया तो उसे कार्ड नहीं दिया गया। गुरुवार को सुरेश लोहिया महिला अस्पताल में गोल्डन कार्ड बनवाने आरोग्य मित्र के पास पहुंचा। चेक करने पर पता चला कि उसका कार्ड जेनरेट हो चुका है। इसके बाद मामला डिस्ट्रिक्ट ग्रीवांस आफीसर के सामने पहुंचा।
आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर अभय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के ही किसी अस्पताल में उसका इलाज कराया जाएगा। योजना में गोल्डन कार्ड से ही सब कुछ होता है। मरीज को जनरल वार्ड में भर्ती दिखा कर आसानी से रुपये बनाए जा सकते हैं। कानपुर के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर को अवगत कराया गया है। उच्चाधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी जाएगी।
क्या बोले जिम्मेदार
रामा हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक और सुरेश का इलाज कर रहे डॉ. प्रांजल पंकज ने बताया कि रुपये लिए जाने की जानकारी नहीं है। मरीज यदि हमसे मिलेगा तो उसकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। गोल्डन कार्ड नहीं दिए जाने के विषय में बताया कि इस विषय में अस्पताल के आयुष्मान योजना के कार्यालय में पता करा लिया जाएगा। आखिर कार्ड क्यों नहीं दिया गया। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी सुबोध कुमार तिवारी ने बताया कि मामला दिखाया जा रहा है। यदि किसी भी तरह की वसूली हुई है तो मरीज के रुपये वापस दिलाए जाएंगे।