फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश शाकिर हुसैन ने किशोरी को बहला कर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मुकदमे के पांच को दोषी करार दिया है। दुष्कर्मी को सात साल कैद की सजा सुनाई। किशोरी को बहला कर ले जाने में सहयोग करने में पिता-पुत्र समेत चार को पांच साल की सजा सुनाई है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी 15 मार्च 2013 को सुबह करीब सात बजे खेत पर जा रही थी। रास्ते में राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव नगरिया जवाहर निवासी महेंद्र, देशराज इसके पुत्र अशोक, अन्नू और कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पटवन गली निवासी पिंटू उर्फ अरविंद मिले और बहला फुसला कर अपने साथ ले गए। अशोक से शादी का झांसा देकर उसके साथ बस पर बैठाकर गुजरात भेज दिया। वहां करीब तीन माह तक अशोक ने दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर राजेपुर थाने में पिंटू उर्फ अरविंद, अन्नू, अशोक, महेंद्र व देशराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने छापेमारी कर किशोरी को तीन माह बाद मुक्त करा लिया। विवेचक ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शीलरत्न आनंद ने दलीलें पेश कीं। न्यायाधीश ने अशोक को दुष्कर्म के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पिंटू उर्फ अरविंद, अशोक, अन्नू, महेंद्र, देशराज को किशोरी को भगाने में सहयोग करने में पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।