फर्रुखाबाद। डॉक्टर न मिलने से लोहिया अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग के पहुंचे करीब 200 मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। एक आर्थो सर्जन की संविदा समाप्त हो गई, तो दूसरे की दिव्यांग बोर्ड में ड्यूटी लगाई गई।
यही नहीं ईएनटी के मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पर्चा बनवाने पहुंची महिलाओं में धक्का-मुक्की होती रही। अस्पताल में सोमवार को 775 मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने को लेकर महिलाओं की लाइन में खासी धक्का-मुक्की होती रही।
सबसे अधिक दिक्कत हड्डी रोग से परेशान मरीजों को उठानी पड़ी। आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा की संविदा समाप्त होने से उन्होंने आना बंद कर दिया। जबकि दूसरे आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा की दिव्यांग बोर्ड में ड्यूटी लगा दी गई। लिहाजा उनका कमरा भी बंद रहा।
दोनों डॉक्टरों के न होने से ओपीडी पहुंचे करीब 200 मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। यही नहीं ईएनटी सर्जन डॉ. नवनीत कुमार भी दिव्यांग बोर्ड चले गए। लिहाजा नाक, कान, गला के मरीजों को इलाज नहीं मिल सका।
जनरल सर्जन की संविदा समाप्त, भटकेंगे मरीज
जनरल सर्जन डॉ. अमरनाथ की संविदा समाप्त हो गई। वह सोमवार को अंतिम दिन ओपीडी में इलाज करने पहुंचे। इसके अलावा सर्जन डॉ. रोहित तिवारी 26 सितंबर तक अवकाश पर हैं। लिहाजा मंगलवार से सर्जन के मरीजों का परेशान होना तय माना जा रहा है।
संविदा समाप्त होने के बाद डॉक्टर काम नहीं कर सकते। दिव्यांग बोर्ड में भी जाने से नहीं रोका जा सकता। जिन रोगों के डॉक्टरों को लेकर दिक्कत है, उनकी रिपोर्ट विभाग को भेजेंगे। ताकि जल्द दूसरे डॉक्टरों की व्यवस्था हो सके।
-डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
फोटो-23, लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पर्चा बनवाने को धक्का मुक्की करते मरीज। संवाद