शमसाबाद। बाढ़ प्रभावित गांव कटरी तौफीक में गंगा का कटान लगातार किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। पहले गंगा की धारा में मकान समाए और अब किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि भी कटकर नदी में डूब गई। इससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
किसान राम तीरथ की 10 बीघा, रामदास की 8, चोखेलाल की 5, विपिन कुमार की 6, नंदराम की 7, मुनेश्वर की 9 और मदनपाल की 6, नन्हेलाल की 8 बीघा समेत कई किसानों के गन्ने के खेत नदी में समा गए।
कटान से प्रभावित कुछ किसान ऐसे हैं, जिनके मकान और खेत दोनों गंगा में समा चुके हैं। उनके सामने सिर छिपाने की जगह नहीं है। लगातार हो रहे कटान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि अब जो नई जमीन और मकान कटे हैं, उनकी भी सूची तैयार कराई जाएगी।