पिछले चुनावों में बूथ कब्जा व हिंसक घटनाओं वाले ग्रामों में प्रेक्षकों ने सोमवार को विश्वास का वातावरण बनाया। बलीपुर, कीरतपुर, गुगौरा व शेखपुर में मतदाताओं से समस्याएं पूछी और निडर होकर वोट डालने की बात कही।
मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रेक्षक महेश चंद्र जैन व रेलवे के फाइनेंस अफसर एमआर फर्डनबीस सबसे पहले बलीपुर पहुंचे। यहां 2005 के प्रधानी चुनाव में पूर्व प्रधान उजागर लाल व मुख्य प्रतिद्वंद्वी राकेश के समर्थकों में मतदान के दौरान विवाद हो गया था।
घटना के पीड़ित अमरनाथ के घर पहुंचकर उनकी पत्नी जयकृषणा से जानकारी ली उन्होंने कहा की प्रशासन सजग है बिना डरे वोट डालें। गुगौरा गांव में पूर्व की घटनाओं के पीड़ित जयसिंह, अनेकपाल व मेवाराम के घर जाकर पूछा कि वोट के लिए कोई डरा धमका तो नहीं रह परिजनों ने सिर हिला दिया।
कीरतपुर में सीमेंट की ईंटों से सड़क बनाये जाने का काम चल रहा था। सड़क के किनारे दोनों ओर की गई ढलाई उखड़ी हुई स्थिति में थी। इस पर ठेकेदार बुलाने को कहा प्रधान पति संजय कटियार ने कहा कि ठेकेदार चला गया।
बूथ कब्जा व हिंसा वाले ग्रामों में मतदाताओं से मिले प्रेक्षक
पुलिस प्रेक्षक व आय-व्यय प्रेक्षक ने ग्रामीणों को भयमुक्त मतदान का भरोसा दिया