फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सास को हत्या में उम्र कैद, पति को उत्पीड़न में दो साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश हर्षवर्धन ने सोमवार को दहेज हत्या में सास को उम्रकैद और पति को दो साल की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन


जिला कन्नौज के थाना विशुनगढ़ के गांव महमूदपुर खास निवासी सुनील कुमार ने बहन रीमा की शादी मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नगला नानकार निवासी कर्मवीर उर्फ बबलू के साथ वर्ष 2011 में की थी। सोने की चेन और भैंस के लिए प्रताड़ित करते थे। 22 अप्रैल 2015 की रात ससुराल वालों ने रीमा की जलाकर हत्या कर दी और घर में कुंडी लगाकर भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर सुनील परिजनों के साथ नगला नानकार पहुंचे। सुनील ने बहन के पति कर्मवीर उर्फ बबलू, सास सावित्री, ननद लाली, और मधु और एटा जिले के थाना मलावन के नगला पीपल निवासी बहनोई पप्पू के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर सास सावित्री और पति कर्मवीर उर्फ बबलू के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने सावित्री को बहू रीमा की हत्या और पति कर्मवीर उर्फ बबलू को दहेज उत्पीड़न के जुर्म में दोषी करार दिया है। दोनों को सजा सुनाई गई है। जुर्माना राशि वसूल होने पर वादी सुनील कुमार को बीस हजार रुपये दिए जाने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन


मिथ्या साक्ष्य देने में वादी समेत दो पर मुकदमा
सुनवाई के दौरान वादी रीमा के भाई सुनील कुमार और गवाह सीमा ने मिथ्या साक्ष्य दिया। गलत गवाही देने के मामले में न्यायाधीश ने दोनों गवाहों के खिलाफ अदालत में प्रकीर्णवाद दर्ज कर नोटिस जारी किया है। इस पर सुनवाई 28 फरवरी को की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें