फर्रुखाबाद। सर्दी के मौसम में परिषदीय स्कूलों में बच्चों को स्वेटर बांटने की योजना ने कागजों में रफ्तार पकड़ ली है। तीन दिन में आठ गुना से अधिक स्वेटरों का वितरण कर दिया गया है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। अभी तक स्कूलों में स्वेटर वितरण का धन नहीं पहुंचा है। इससे कई विद्यालय प्रबंध क्रय समिति से ने स्वेटर वितरण को कोटेशन लेने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की। कुछ स्कूलों में ठेकेदार ने जो स्वेटर डाले, उनको बंटवा दिया गया है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सर्दी के मौसम में स्वेटर बांटे जाने हैं। यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है। इसके लिए शासन से 31 अक्तूबर को करीब डेढ़ करोड़ से अधिक का बजट जिले केे लिए मिला है। इस धनराशि से जिले के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.66 लाख से अधिक बच्चों को स्वेटर बांटा जाना है। ये स्वेटर जल्द से जल्द बांटने के आदेश हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसके तहत विभागीय कुछ लोगों की साठगांठ से ठेकेदारों ने स्कूलों में स्वेटर भिजवा दिए। जिनको शिक्षकों ने बांट कर रिपोर्ट बीआरसी और बीएसए कार्यालय को भेज दी। जबकि विभाग से स्कूलों के खातों में अभी तक स्वेटर बांटने के लिए धन नहीं भेजा गया। पूरा बजट विभागीय खाते में पड़ा है। जिन स्कूलों में स्वेटर वितरण हुए हैं।
उनमें से कुछ स्कूलों में शासनादेश के नियमों को पालन भी नहीं किया गया। विभागीय पोर्टल पर जिले में स्वेटर वितरण की स्थिति 11.41 फीसदी होने से जिला पिछड़ा हुआ है। यह मामला गरमाने पर स्वेटर वितरण कागजों में तेज कर दिया गया। 12 नवंबर तक जिले में करीब दस हजार बच्चों को स्वेटर बांटने की विभागीय पोर्टल पर रिपोर्ट थी। इस पर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी जारी की थी और स्वेटर वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वेटर वितरण में कागजों में इतनी गति से इजाफा हुआ कि तीन दिन में स्वेटर पाने वाले बच्चों की संख्या 80 हजार से अधिक पहुंच गई। यानी 50 फीसदी से अधिक बच्चों को स्वेटर मिलने की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि स्कूलों में धन न पहुंचने से शिक्षक स्वेटर बांटने से कतरा रहे हैं। शाम को सीडीओ ने बीएसए के साथ बैठक कर स्वेटर वितरण की समीक्षा की। बीएसए रामसिंह ने बताया कि स्वेटर का धन स्कूलों में भेजे जाने के लिए कोषागार में पत्रावली भेज दी गई है। जल्द स्कूलों के खातों में धन पहुंच जाएगा। यह धनराशि 100 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से भेजी जा रही है।
-तीन दिन में स्वेटर वितरण की संख्या हो गई आठ गुनी
-कागजों में आंकड़ेबाजी का किया जा रहा खेल, ठेकेदार मस्त
अमर उजाला ब्यूरो