अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण की संयुक्त निदेशक डॉक्टर सरोज बाला ने जिले की आयुष्मान भारत योजना के केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्हें सुधारने के निर्देश दिए। प्राइवेट अस्पताल में दो मरीज भर्ती होने पर इलाज के बारे में जानकारी ली।
शुक्रवार को आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी डॉक्टर सरोज बाला लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने बने आयुष्मान केंद्र पर पहुंचीं। यहां पर मौजूद कर्मचारी से जेडी ने गोल्डन कार्ड के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही कितने मरीजों का रिकार्ड तैयार हुआ, इसका भी पता किया। बताया गया कि यहां पर वहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। यह सुनकर जेडी ने नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द से जल्द इंटरनेट को चालू कराए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि आयुष्मान मित्र अपने मोबाइल से कंप्यूटर कनेक्ट कर किसी तरह काम चला रहा है।
सीएमओ डॉक्टर अरुण कुमार ने जेडी को भरोसा दिया कि जल्द ही इंटरनेट चालू कर दिया जाएगा। इस दौरान जेडी ने आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने वाले मरीजों के लिए आरक्षित वार्ड के बारे में जानकारी की। पता चला कि अभी तक यहां पर कोई भी ऐसे मरीजों के लिए कोर्ड वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है। जेडी ने सीएमओ से इसकी जानकारी ली। सीएमओ ने कहा कि अभी तक उन लोगों को कोई बजट नहीं मिला है। बजट मिलने पर आयुष्मान योजना के मरीजाें के लिए वार्ड आरक्षित करा दिया जाएगा। टोल फ्री नंबर छोटा लिखा होने पर उसे बड़ा लिखवाए जाने के निर्देश दिए। प्रचार प्रसार के लिए आए पंफलेट कर्मचारियों को वार्ड और ओपीडी में मरीजों के देने के निर्देश दिए। इसके बाद महिला अस्पताल में बने काउंटर को चेक किया। यहां पर भी मरीजों के बारे में जानकारी की गई। काउंटर के अंदर आयुष्मान का बैनर देखकर उसे बाहर लगाए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम सिविल अस्पताल लिंजीगंज पहुंची। यहां पर भी केंद्र का निरीक्षण किया गया। आयुष्मान योजना के तहत एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंच कर जानकारी ली। यहां पर दो मरीज भर्ती थे। उन मरीजों से जेडी ने वार्ता के साथ ही इलाज के बारे में जानकारी ली।
लोहिया अस्पताल में जेडी सरोजबाला ने जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया। वहां पर मौजूद कर्मचारियों से दवाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही खानों को खाली देखकर जो दवाएं खत्म हो गई। उनकी जानकारी ली। मेट्रोजिल सीरप समेत कई दवाइंया नहीं थी। जेडी ने दवाओं को मांगए जाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जब यहां पर दवा होगी तो मरीज को इसका लाभ मिलेगा। मेट्रोजिल सीरप न होने पर मरीज बाहर से लेकर आएगा।
-पुरुष अस्पताल के केंद्र में नहीं मिली इंटरनेट की सुविधा