अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। भारत में लोग दोहरा मापदंड अपनाते हैं। एक ओर गंगा नदी को मां बोल कर पूजा करते हैं, दूसरी ओर इसमें गंदगी करते हैं। हालांकि अब लोग जागरूक होने लगे हैं। ये बातें एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत में अंधविश्वास से गंगा गंदी हो रही है। पूजा पाठ के किसी भी सामान को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वह इस बार एक महीने के राफ्टिंग के टूर पर गंगा को साफ करने व लोगों को जागरूक करने निकली हैं। उनका अभियान हरिद्वार से शुरू हुआ था। वह पटना तक गंगा की सफाई करेंगी व लोगों को गंगा को साफ रखने के लिए जागरूक करेंगी। इस अभियान में उनका फोकस स्कूली बच्चों पर अधिक रहेगा। बच्चों पर ही मुख्य फोकस क्यों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह आज के बच्चे कल का भविष्य हैं, यदि उन्हें जागरूक कर लिया तो उनका परिवार जागरूक हो जाएगा। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब ज्यादा उम्र वालों को नहीं सुधारा जा सकता। जब उनसे अब तक गंगा में सबसे ज्यादा गंदगी कहां मिलने की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि उनके 1994 के अभियान के दौरान उन्हें कानपुर व बनारस में गंगा सबसे ज्यादा गंदी मिली थी। इसका कारण है कि दोनों ही शहरों में कारखाने अधिक हैं।
बछेंद्री पाल ने बताया कि गंगा की सफाई को लेकर अब लोग जागरूक हो रहे हैं। 1994 में लोगों में इतनी जागरूकता नहीं थी। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने हरिद्वार से कोलकाता तक गंगा सफाई अभियान चलाया था। पूरा सफर राफ्टिंग से ही किया गया था। 2100 किलोमीटर की इस यात्रा में कई जगह लोगों ने उनसे पूछा था कि यह सफाई करने के आपको कितने रुपये मिलते हैं। लेकिन इस बार इस तरह की घटनाएं नहीं हो रहीं हैं। क्योंकि अब लोग गंगा सफाई को लेकर कुछ जागरूक हुए हैं।
बछेंद्री पाल ने बताया कि फर्रुखाबाद में रुकना पहले उनके अभियान में शामिल नहीं था। लेकिन उनकी पुरानी दोस्त आराधना सिंह के कहने पर वह फर्रुखाबाद आ गईं। उन्होंने बताया कि उनके प्लान में बड़े शहर हरिद्वार, बिजनौर, कानपुर आदि ही शामिल थे। बताया कि पिछली बार वह जब गंगा सफाई अभियान पर निकली थीं तब पैडल वोट से राफ्ंिटग की थी। वह बहुत अद्भुत था। इस बार मोटर वोट ने इस सफर को कुछ आसान बनाया है। इस दौरान आराधना सिंह के पति ज्ञानेंद्र सिंह छोटे भी उपस्थित रहे।
-बोलीं, अब जागरूक होने लगे हैं लोग
-बड़े शहरों में ज्यादा गंदी हैं गंगा