अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। गो संरक्षण केंद्र भी बाढ़ में फंस गया है। अब इसके लिए दूसरी जगह की तलाश की जा रही है। पहले धर्मपुर कटरी में इसका निर्माण कराया जाना था। इसके लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट है। इसकी पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।
गांवों में किसानों के लिए अन्ना गोवंश समस्या बनते जा रहे हैं। उनके झुंड जिस खेत में घुस जाते हैं वहां की फसल चट कर जाते हैं। इससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। शहर में भी अन्ना गोवंश की वजह से सब्जी विक्रेता परेशान हैं। इसी के चलते सरकार ने जिले को एक गो संरक्षण केंद्र का तोहफा दिया था। इसके लिए विभाग ने धर्मपुर कटरी में 3.5 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की थी। इसकी मिट्टी आदि की जांच का काम भी पूरा कर लिया गया था। इस बार आई बाढ़ में कटरी धर्मपुर में पानी भर गया। इससे जिले के अधिकारियों को लग रहा है कि यहां प्रतिवर्ष पानी भर जाएगा। इससे गो संरक्षण केंद्र बर्बाद हो जाएगा। इसी के चलते अब गो संरक्षण केंद्र के लिए अन्य स्थान पर भूमि की तलाश की जा रही है।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मोहम्मदाबाद विकास खंड में ग्राम समाज की जमीन इसके लिए देखी गई है। गो संरक्षण केंद्र 3.5 हेक्टेयर जमीन में बनेगा। इसमें चारागाह की भी व्यवस्था की जाएगी।
नगर निकाय व प्रधान की होगी जिम्मेदारी
गो संरक्षण केंद्र तक गोवंश पहुंचाने की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका व नगर पंचायतों की होगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानों को अन्ना गो वंश पकड़वाकर गो संरक्षण केंद्र में पहुंचाने होंगे।
यह होगा निर्माण
14000 वर्ग फीट के गो संरक्षण केंद्र में चार अलग-अलग शेड होंगे।
2000 वर्ग फीट के दो भूसा गोदाम
1100 वर्ग फीट में छह कर्मचारी आवास, शौचालय, स्नानागार
800 वर्ग फीट में चारा, पानी के लिए चार चारागाह
5400 वर्ग फीट शेड के बाहर खुले क्षेत्र में चरनी होगी। इन पर बाद में आवश्यकतानुसार टिनशेड बनाया जाएगा।
पंप हाउस का निर्माण इसमें सबमर्सिबल या सोलर वाटर पंप लगेगा। साथ ही 10000 लीटर की पानी की टंकी बनेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
बाढ़ आने पर कटरी धर्मपुर में पानी भर जाता है। इससे वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए उचित जगह की तलाश की जा रही है। मोहम्मदाबाद विकास खंड में कुछ जगह देखी गई है। जल्दी ही काम शुरू होगा।- राजकिशोर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी