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महिला ने पति और भतीजे की कराई थी हत्या

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महिला ने पति और भतीजे की कराई थी हत्या
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प्रेमी की शराब पकड़वाने पर पत्नी ने बनाई योजना
- महिला व आरोपी ढाबा संचालक जेल गया
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। चाचा भतीजे की हुई हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। इसमें चाचा की पत्नी और उसका ढाबा संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को जेल भेज दिया गया। प्रेमी और उसके अन्य साथी फरार हैं। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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कन्नौज थाना सौरिख के गांव टड़ा रायपुर निवासी अनिल सिंह और उसके भतीजे सुरजीत उर्फ गोदन की रविवार रात हत्या कर शव जहानगंज थाना क्षेत्र में छिबरामऊ-फतेहगढ़ मार्ग पर काली नदी और बहोरिकपुर के बीच में फेंक दिए गए थे। यह शव कार के आगे पीछे पड़े हुए थे। सुरजीत के मामा चंद्रपाल सिंह ने कन्नौज थाना इंदरगढ़ के गांव टिऊआ निवासी अनिल के अवैध शराब के पार्टनर गोविंद और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से ही पुलिस ने सर्विलांस का सहारा ले लिया। पुलिस की टीम को काफी हद तक सुराग हाथ लग गए। इसके बाद ही पुलिस ने एटा थाना नयागांव के गांव गुनामई निवासी ढाबा संचालक नीरज राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने अनिल की पत्नी आरती सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी त्रिभुवन सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अनिल अवैध शराब का कारोबार करीब 12 साल से कर रहा था। उसका पार्टनर गांव टिऊला निवासी गोविंद है। दो साल पहले अनिल शराब में जेल चला गया। अनिल ने जेल जाने से पहले उसने अपने कारोबार के साथ ही घर की देखभाल करने की जिम्मेदारी गोविंद को दी थी। जमानत से छूट कर आने के बाद उसे पत्नी के गोविंद से अवैध संबंधों की जानकारी हुई। इस पर उसने पत्नी को पीट दिया और गोविंद से किनारा कर लिया था। इस पर गोविंद अपना कारोबार करने लगा। कुछ समय बाद गोविंद की अवैध शराब फैक्ट्री तिर्वा पुलिस ने पकड़ ली। इसमें गोविंद के पिता को पुलिस ने पकड़ लिया और गोविंद, उसका साथी रमन वांछित था। गोविंद को अनिल पर शराब पकड़वाने का पूरा शक हो गया। इसके बाद उसने अनिल की पत्नी आरती से मिल कर उसकी हत्या की योजना एक माह पूर्व बनाई थी। गोविंद ने अपने साथी ढाबा संचालक नीरज राजपूत को योजना बताई। नीरज अपने ढाबे पर अवैध शराब का कारोबार करता था। यहां पर शराब कंपनियों के टैंकरों पर आने वाला शराब का कैमिकल को चालकों से साठगांठ कर केनों में निकाल लेते हैं। यहां से शराब माफिया उनको लेकर चले जाते हैं। इस कारण इन लोगों की नीरज से जान पहचान थी। नीरज ने अनिल को फोन कर अपने ढाबे पर बुलाया। 16 सिंतबर को अनिल अपने भजीते के साथ कार से निकल गया। इसकी जानकारी आरती ने अपने प्रेमी गोविंद को दी। इस पर गोविंद, अपने साथी इंदरगढ़ के गांव कुंडेपुरवा निवासी रमन यादव, जिला कानपुर देहात के गांव गमीरापुर निवासी अवनीश उर्फ सोनू के साथ ढाबे पर पहले से ही पहुंच गया। ढाबे के ऊपर वाले कमरे में नीरज राजपूत अपने साथ अनिल को लेकर चला गया। वहां पर पहले से मौजूद हमलावरों ने उस पर लोहे की राड से वार कर हत्या कर दी। उसके हाथपैर बांध दिए। जब चाचा काफी देर तक नहीं आए तो सुरजीत ऊपर पहुंचा। वहां पर उसकी गला दबा कर हत्या कर दी गई। दोनों दुर्घटना का रूप देने के लिए दो शव कार में रख लिए। घटना के बाद दोनों शवों को जहानगंज में फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की राड, अनिल के पास से निकाले गए एक लाख रुपये, अंगौछा और सूजा बरामद कर लिया। घटना के बाद आरोपी रमन इस बीच कोर्ट में हाजिर होकर जेल चला गया।
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