अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। गांव बसईखेड़ा में बुखार से करीब छह लोगों की मौत होने पर डीएम की नाराजगी के बाद सीएमओ को गांव जाने की याद आई। वह मंगलवार को टीम के साथ बसईखेड़ा गांव पहुंचे। वहां हर ओर गंदगी का अंबार दिखाई दिया। बुखार पीड़ितों को दवा बंटवाई। गंभीर बीमार लोगों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेजा।
सीएमओ डा. अरुण कुमार मंगलवार को डा. हिलाल के साथ बसईखेड़ा गांव में बुखार पीड़ितों का हाल लेने पहुंचे। उन्होंने बुखार पीड़ितों को देखने के बाद गांव की साफ सफाई देखी। गांव में जगह-जगह घूरे के ढेर लगे थे। एक तालाब का पानी काला पड़ गया था। इससे गांव में मच्छरों का प्रकोप है। मच्छर जनित बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। नवाबगंज सीएचसी प्रभारी सुमित शाक्य भी सीएमओ के साथ गांव पहुंच गए। उन्होंने बुखार पीड़ितों को दवा बंटवाई। सीएमओ ने 12 लोगों की हालत गंभीर मिली। उनको लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। गांव में कैंप लगाने के सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए। इस पर सीएचसी प्रभारी ने संसाधनों का अभाव होने से कैंप लगाने में असमर्थता जाहिर कर दी। तब सीएमओ ने गांव में नजर रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद चांदपुर गांव का निरीक्षण किया। वहां भी गंदगी का अंबार था और कई लोग बुखार से पीड़ित मिले। टीम ने 196 लोगों को दवा बांटी और 72 लोगों की स्लाइड बनाई। जिला मलेरिया अधिकारी ने टीम के साथ गांव बसई खेड़ा, नगला खोटा, चांदपुर में मच्छरों के प्रकोप से निजात दिलाने के लिए फागिंग कराई। सीएचसी प्रभारी सुमित शाक्य ने चांदपुर गांव के प्रधान सविता देवी के देवर समरपाल सिंह से गांव में सफाई कराने की बात कही, इसको लेकर सीएचसी प्रभारी और प्रधान के देवर में नोकझोंक होने लगी। वहां मौजूद लोगों ने समझाकर दोनों लोगों को शांत कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने गांव में सफाई व्यवस्था पर ध्यान न दिए जाने के संबंध में प्रधान की शिकायत डीएम, डीपीआरओ को भेजी है। इसमें कहा गया कि प्रधान सफाई के प्रति सजग नहीं हैं। गंदगी के कारण बीमारियां फैल रही हैं।
कागजों में सफाई, फैल रही बीमारी
फर्रुखाबाद। गांवों में सफाई के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। बैठक में डीएम के सामने सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के अधिकारी दावे करते हैं, लेकिन हकीकत में गांवों में कई माह तक सफाई नहीं होती है। यही कारण है कि बसईखेड़ा गांव में गंदगी का अंबार होने से मच्छर जनित बीमारियां फैल रही है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जून 2018 में सभी ब्लाकों के प्रधानों की मीटिंग ली थी। इसमें ग्राम प्रधानों को स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में समझाने के साथ गांव की साफ सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे। इस पर नजर रखने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज विभाग के अफसरों को दी थी। इसके बावजूद बसईखेड़ा गांव में सफाई नहीं हुई है। इससे गांव में मच्छरों का प्रकोप फैलने से ग्रामीण मलेरिया की चपेट में आ गए हैं।
क्या बोले जिम्मेदार
डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया गांव में सफाई कर्मी तैनात हैं। हाल ही में गांव की साफ सफाई करवाई जा चुकी है। नालियों आदि में भी केरोसिन डलवाया गया था, ताकि मच्छर ना पनपें। ग्रामीणों से अपने घूरे हटवाने के लिए भी कहा गया था।