आरक्षण की माया, आठ सभासदों को घर बैठाया
दो सभासद नहीं लड़ पाएंगे चुनाव और पांच के पति संभालेंगे विरासत
सीट अनारक्षित होने पर भी मोतीलाल नहीं जुटा पा रहे लड़ने की हिम्मत
देवपाल सिंह राठौर
मोहम्मदाबाद। वैसे तो चुनाव में आरक्षण महिलाओं, पिछड़ों व दलितों को जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी देना है, लेकिन मोहम्मदाबाद में इस बार आरक्षण बदलने से सभासद रहीं छह महिलाओं को घर बैठा दिया है। इसमें पांच के पति खुद मैदान में हैं जबकि सभासद रहीं एक महिला सीट अनुसूचित जाति के खाते मेें जानेे घर बैठ गई हैं। सभासद रहे दो पुरुष भी सीट का आरक्षण बदलने से मायूस हैं।
मोहम्मदाबाद नगर पंचायत में 15 वार्ड हैं। 2012 के चुनाव में आठ वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित थे। महिलाओं के कोटे की चार सीटें पिछड़ी जाति की महिला प्रत्याशी के लिए थीं। दो वार्ड अनुसूचित जाति और एक पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था जबकि चार वार्ड अनारक्षित थे। अबकी सीन अलग है। महिला कोटे की सीटें घटकर पांच हो गई हैं। अनुसूचित जाति के कोटे में एक सीट बढ़ गई है। महिलाओं का कोटा घटने से वार्ड पांच की निवर्तमान सभासद गुड्डी यादव, वार्ड सात की कांति यादव, वार्ड नौ की निवर्तमान सभासद रेखा यादव, वार्ड 10 की फूलश्री यादव और वार्ड 11 की निवर्तमान सभासद हुस्नबानो को पति ने घर बैठा दिया है। बीवियों के पांच साल के काम और अपने नाम के भरोसे गुड्डी के पति सुनील यादव, कांति के पति अनुरूप, रेखा यादव के पति रणवीर यादव, फूलश्री के पति कश्मीर यादव और हुस्ना बानो के पति मुख्तियार खुद मैदान में हैं। कश्मीर सिंह 2006 में भी वार्ड 10 से सभासद रह चुके हैं। इसी तरह वार्ड दो की निवर्तमान सभासद विमला चंदेल भी घर बैठ गई हैं। उनका वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। वार्ड के रिजर्व होने से निवर्तमान सभासद सुनील चंदेल भी मायूस हो गए हैं। वार्ड छह रविदास नगर के निवर्तमान सभासद मोतीलाल का वार्ड अनारक्षित हो गया है, लेकिन वह चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पिछली बार वह अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व सीट पर जीते थे। निवर्तमान महिला सभासदों में कमलेश कठेरिया (वार्ड 4) और ऊषा पाल (वार्ड 8) फिर जीत के लिए वोट मांगने लगी हैं। कमलेश का वार्ड अनुसूचित जाति से महिला व ऊषा का पिछड़ा वर्ग महिला से महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वार्ड तीन के सभासद संदीप यादव ने अध्यक्षी के लिए दावा ठोंक दिया है, जबकि वार्ड 15 गंगा नगर से सभासद रहे पावस यादव ने नगर छोड़कर गांव की राजनीति की ओर रुख कर लिया है। वह जिला पंचायत सदस्य पद के लिए दम ठोंक रहे हैं।
इनसेट
पिछली बार पिछड़े वर्ग का था दबदबा
पिछले चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए केवल पांच सीटों रिवर्ज थीं किंतु 10 सभासद इस वर्ग से चुने गए थे। इसमें आठ सभासद यादव बिरादरी, एक पाल और एक मुस्लिम महिला बनी थी। दो ठाकुर और एक सभासद वैश्य बिरादरी से चुन गया था। इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए चार सीटें ही रिजर्व हैं, इसके बावजूद इस वर्ग से सबसे ज्यादा सभासद चुनकर आने की उम्मीद है। दरअसल मोहम्मदाबाद में ओबीसी में यादव बिरादरी की वोट सबसे ज्यादा हैं। अभी तक हुए चुनाव में उनका ही सिक्का चला है। इस बार वोटर यादव और पिछड़ों को कितना तवज्जो देते हैं ये तो वक्त बताए किंतु आरक्षण के चलते अनुसूचित जाति से एक सभासद बढ़ना तय है। पिछले बार इस वर्ग से दो सभासद थे, इस बार तीन चुने जाएंगे।
इनसेट
वर्ष 2012 में आरक्षण
वर्ग सीटें
अनारिक्षत चार
महिला चार
पिछड़ा महिला चार
अनुसूचित जाति दो
पिछड़ा वर्ग एक
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वर्ष 2017 का आरक्षण
अनारिक्षत छह
महिला दो
पिछड़ा महिला दो
अनुसूचित जाति दो
अनुसूचित जाति महिला एक
पिछड़ा वर्ग दो