फर्रुखाबाद। शहर में जर्जर तार, टूटे खंभे और लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम दिसंबर तक पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
खंभे, तार आदि बदलने का ठेका जून में राज कारपोरेशन को दिया गया था। करीब तीन महीने में संस्था केवल 15 फीसदी काम ही करा पाई है। विभागीय अधिकारी काम तेज कराने के बजाए केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। ऐसे में नहीं लगता कि बिजली की बदहाल व्यवस्था से समय सीमा में निजात मिल पाएगी।
लोकल फाल्ट, लो वोल्टेज, टूटे खंभे और कटिया डालकर बिजली चोरी शहर की बड़ी समस्या हैं। शहर की बदहाल बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए जून में आरपीडीआरपी योजना के तहत ठेका उठाया गया था। ये काम दिसंबर तक पूरा होना है और इसका ठेका राज कारपोरेशन को दिया गया था।
ठेकेदार को भाड़ा व लेबर चार्ज के 1.25 करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे। योजना के तहत बिजली चोरी बाहुल्य मोहल्लों में करीब 80 किलोमीटर जर्जर तार हटाकर बंच कंडक्टर लगाए जाने हैं। इसके अलावा 35 किमी. जर्जर तार की जगह नए तार और शहर भर के टूटे खंभे भी बदले जाने हैं। ओवरलोड व लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 100 केवीए के 12 और 250 केवीए के पांच ट्रांसफार्मर भी लगने हैं।
ठेकेदार को सामग्री बिजली विभाग की ओर से मिलनी है। इसे तीन महीने बीतने को हैं, लेकिन ठेकेदार अभी तक केवल 15 फीसदी काम ही करा पाए हैं। इस संबंध में राज कारपोरेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय यादव का कहना है कि काम कराने के लिए सामग्री विभागीय स्टोर से मिलनी है।
स्टोर में तार, पोल व अन्य सामान समय से नहीं आता। इस कारण काम कराने में दिक्कत हो रही हैं। बिजली विभाग के शहरी मंडल एक्सईएन पंकज अग्रवाल ने बताया कि कार्यदायी संस्था का काम बहुत धीमा है। इसकी शिकायत अधीक्षण अभियंता को भेजी गई है। अगर संस्था काम में इसी तरह लापरवाही करती रही तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
-झूलते जर्जर तारों को बदलने, खंभों और नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं
-दिसंबर तक पूरा होना है काम, लेकिन अभी तक 15 फीसदी ही निपटा
अमर उजाला ब्यूरो