साढ़ू की गैर इरादतन हत्या के जुर्म में सजा के समय फरार हुए आरोपी को पुलिस ने 15 साल बाद बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह गंजडुडवारा के गांव गनेशपुर में फल की ठेली लगाकर गुजारा कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, शमसाबाद थाना क्षेत्र के कोटला मोहल्ला निवासी चमन के साढू जाकिर निवासी लालबाग कोतवाली कायमगंज की वर्ष 1997 में हत्या हुई थी। इस हत्या में चमन व उसके कुछ साथियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी चमन ने जमानत कराने के बाद वर्ष 2003 से कोर्ट में तारीख पर जाना बंद कर दिया। पुलिस उसकी तलाश करती रही। कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए। वर्ष 2010 में गैर इरादतन हत्या के जुर्म में चमन व उसके अन्य साथियों को दस-दस साल की सजा सुनाई गई थी। आरोपी चमन सजा के समय फरार चल रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। पुलिस जब भी आरोपी का पता करने गांव जाती थी तो परिवार के लोग चमन की मृत्यु होने की जानकारी देते थे। इस कारण पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ सकी।
आरोपी कांशीराम नगर जिले के गंजडुडवारा के गांव गनेशपुर जाकर रहने लगा। वह फल की ठेली लगा कर अपना जीवन यापन कर रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुधवार को गंजडुडवारा के गांव गनेशपुर से चमन को गिरफ्तार कर लिया। एसओ आलोक यादव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिन आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। उस याचिका पर फरार आरोपी चमन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे।