गंगा में बुधवार को नरौरा से 132345 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से 58025 और विजनौर से 101236 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस कारण गंगा के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी होने से जलस्तर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर कम रह गया है। वहीं गंगा के साथ रामगंगा ने भी उफान भरना शुरू कर दिया है।
बुधवार को रामगंगा में सुबह 9937 क्यूसेक पानी पास हुआ, जो शाम को बढ़कर 18316 क्यूसेक हो गया है। इस कारण गंगा का जलस्तर सुबह 135.35 मीटर था जो शाम को बढ़कर 135.45 मीटर पर पहुंच गया है। नदियों के उफान भरने से किसान तबाह होने लगा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। जिन ग्रामीणों के खेतों में गन्ना खड़ा है। वह पानी भरने के कारण सड़ने लगा है।
गांवों में पानी भरने से अब रहने की जगह तक नहीं बची है। हर तरफ से आफत आई हुई है। अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के तराई क्षेत्र में बसे गांव माखन नगला, राम प्रकाश नगला, जटपुरा कैलियाई, मिश्रन नगला, फुला, फकरपुर, कुड़री, करनपुर घाट, मंझा, तौफीक की मढै़या, कलक्टरगंज, आसमपुर, बलीपट्टी, रानीगांव, भावपुर चौरासी, कुसुमापुर, रतनपुर, कुबेरपुर, इमादपुर सोमवंशी, लायकपुर, बरुआ, बवयारी, जगतपुर, जोगराजपुर, सबलपुर, उधरपुर, कंचनपुर गौटिया, जमापुर, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, राजाराम की मढैया समेत अन्य गांवों में खेतों में कई दिनों से पानी भरा हुआ है।
इस कारण ग्रामीणों ने उर्द, मूंग, तिल, मक्का, धान, बाजरा की फसलें खेत में पानी भरने के कारण नष्ट हो गई। जिन ग्रामीणों के खेतों में गन्ना खड़ा हुआ था। वह भी खेत में पानी भरा होने के कारण सड़ने लगा है। उधर,किराचिन जाने वाले मार्ग पर पुलिया पानी में डूब गई है। पुलिया के ऊपर करीब एक फीट ऊंचा पानी बह रहा है। गांव इमादपुर सोमवंशी जाने वाले संपर्क मार्ग पर पानी आ गया है। यहां आधा फीट ऊंचा पानी बह रहा है। गांव सबलपुर जाने वाले मार्ग पर और उदयपुर जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है।