फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश शाकिर हसन ने जानलेवा हमले के मुकदमे में दो भाइयों समेत चार को दस साल की सजा सुनाई है। दस-दस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव रामनगर रमन्ना गुलजार बाग निवासी कैलाश सिंह की पत्नी रीना व मां रेलवती 2 दिसंबर 2001 को दरवाजे पर खड़ी थी। तभी रिश्ते के चाचा रनवीर सिंह उर्फ फन्ने से विवाद हो गया। कुछ देर बाद रनवीर सिंह, अपने रिश्तेदार नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव रावतपुर पुठरी निवासी बाबू सिंह के पुत्र विजय सिंह, रेनू सिंह व प्रतिपाल सिंह के पुत्र ललइया उर्फ सुरेश सिंह के साथ असलहे लेकर आए और गाली गलौज किया। पिता चंद्रपाल घर के बाहर आए तो मारपीट करने लगे। घर के अंदर भागने के दौरान पिता पर गोली चला दी। कमर में गोली लगने से पिता घायल हो गए।
चारों हमलावरों के खिलाफ मऊदरवाजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शीलरत्न आनंद ने दलीलें पेश कीं। गुरुवार को न्यायाधीश ने रेनू सिंह, उसके भाई विजय सिंह, व रनवीर सिंह उर्फ फन्ने, ललइया उर्फ सुरेश सिंह को सजा और जुर्माने से दंडित किया है।