फर्रुखाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी से बंद हुए वस्त्र छपाई कारखानों के कारीगरों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में छपाई कारखाने न खुलवाए गए तो कलक्ट्रेट में बेमियादी अनशन किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी से शहर क्षेत्र में कई कारखाने बंद हो गए हैं। इससे गुस्साए सैकड़ों कारीगर सर्वोदय मित्र मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में अंगूरीबाग स्थित एक मैदान में एकत्र हुए। कारीगरों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छपाई कारीगरों का कहना था कि सरकार रोजगार मुहैया तो करा नहीं रही है। कारखाने बंद कर उन लोगों का रोजगार छीन जरूर रही है। छपाई कारखानों में हजारों कारीगर काम कर रहे हैं, जिससे उनकी रोजीरोटी चल रही है। कारखाने बंद होने से सभी लोग बेरोजगार हो जाएंगे। कारखानों के कनेक्शन काटकर और मशीनें व जेनरेटर सीज कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मनमानी कर रहा है।
कारीगरों ने कहा कि काटे गए कारखानों के बिजली कनेक्शन जोड़े जाने के साथ ही कारखाना शुरू करवाए जाएं। यदि जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता है तो कलेक्ट्रेट में अनशन शुरू किया जाएगा। इस दौरान सोनू कुशवाह, रामसागर, राजेश पाठक, रामकुमार, अशोक कुमार, मलिखान, रामकिशन और राधेकिशन आदि मौजूद रहे।
उधर, वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कारखाना बंद रखे जाने तक जिला प्रशासन से छपाई कारीगरों को 1500 से 2000 रुपये मासिक दिए जाने की मांग की है।