फर्रुखाबाद। कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए आने वाले राशन का समिति से सत्यापन न कराना वार्डन को भारी पड़ सकता है। सत्यापन न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए रामसिंह ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की वार्डनों को नियमानुसार काम किए जाने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए रामसिंह ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की वार्डनों को जारी आदेश में कहा कि नाश्ता, दूध की गुणवत्ता, शिक्षा की गुणवत्ता, अभिलेखों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह खेदजनक स्थिति है। रविवार को अवकाश पर जाने के एक दिन पूर्व ही वार्डन शिक्षण कार्य बंद कर देती हैं और विद्यालय से चली जाती हैं। इसमें सुधर किया जाए। वार्डन बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही विद्यालय से बाहर चली जाती हैं। वह प्रभारी वार्डन को अभिलेख नहीं देती हैं। इससे जो अफसर निरीक्षण करने जाते हैं, उनको अभिलेख जांच को नहीं मिलते हैं। भविष्य में जो वार्डन बिना अवकाश स्वीकृत कराए और प्रभारी वार्डन को अभिलेखों पर चार्ज दिए बगैर जाएंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वार्डन बिल वाउचरों को सीधे डीसी बालिका शिक्षा के पास भुगतान को नहीं भेजेंगी। वह लेखाकार को बिल वाउचर व मांगपत्र उलब्ध कराएं। वह डीसी बालिका को देंगे, इसके बाद सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के पास भुगतान को भेजे जाएंगे। जो अनाज सामग्री ठेकेदार छात्राओं के लिए विद्यालय में देते हैं। इसको प्राप्त करने से पूर्व राशन की गुणवत्ता जांचने को गठित टीम के सदस्य बीईओ, बीडीओ और तहसीलदार को बुलाकर राशन का सत्यापन कराया जाए। इसके बाद राशन लिया जाए। बिना सत्यापन के राशन लेने वाली वार्डन पर कार्रवाई की जाएगी। दूध की गुणवत्ता की जांच को विद्यालय में लेक्टोमीटर से होना अनिवार्य है। जो बीस हजार रुपये अग्रिम दिए जाते हैं। उसका उपभोग दूध, फल व सब्जी की खरीद में ही हो। बालिकाओं के हॉस्टल पंजिका, नाश्ते व भोजन करते समय की फोटो व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराई जाए। बीएसए ने बताया कि जो निर्देश दिए हैं, उनका जो वार्डन पालन नहीं करेगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।