अमृतपुर। बाढ़ से बचाव के लिए तहसील प्रशासन ने क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय व 33 बाढ़ चौकी बनाई हैं। लेखपाल सचिव व रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी, एएनएम की ड्यूटी भी लगा दी है। इससे गंगा व रामगंगा में बाढ़ आने पर पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
पहाड़ों पर बारिश होने से नरौरा बांध, खो, हरेली, रामनगर बांध से गंगा व रामगंगा में पानी छोड़े जाने से बाढ़ आ जाती है। दोनों नदियों के किनारे दर्जनों गांव बसे हैं। इससे बाढ़ आने पर यह ग्रामीण प्रभावित होते हैं। बाढ़ से बचाव के लिए तहसील प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने व भोजन के लिए 13 बाढ़ शरणालय व 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ शरणालय प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर राजपुर, अमर ज्योति इंटर काॅलेज गनुआपुर गलारपुर, पीएचसी अमृतपुर, तहसील मुख्यालय, गंगापार महात्मा गांधी इंटर कॉलेज राजेपुर, पीएचसी सबलपुर, प्राथमिक विद्यालय जैनापुर, जूनियर हाईस्कूल दहलिया, बदनपुर, पीएचसी जिठौली, जूनियर हाईस्कूल आंतर , पीएचसी सरह, टोकाघाटा आश्रम शामिल हैं। इनमें पशु चिकित्साधिकारी, कानूनगो, सचिवों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा 33 बाढ़ चौकी बनाकर लेखपाल, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, एएनएम की ड्यूटी लगाई गई। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया है कि बाढ़ आने पर सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी।
इन गांव में बनाई गईं बाढ़ चौकी
प्राथमिक विद्यालय चपरा, हुसैनपुर राजपुर, साधन सहकारी समिति कुम्हरौर, जूनियर हाईस्कूल अमैयापुर,प्राथमिक विद्यालय रतनपुर पमारान, कोलासोता, पिथनापुर, जूनियर हाईस्कूल अमृतपुर में दो, जूनियर हाईस्कूल हमीरपुर परतापुर, प्राथमिक विद्यालय करनपुर दत्त,ताजपुर, बरुआ, भाऊपुर चौरासी, राजेपुर, कड़क्का, नगरिया जवाहर, गांधी, दहेलिया में दो, राजेपुर राठौरी , खंडौली, कनकपुर, भरखा, सलेमपुर, आंतर, सवासी, कड़हर, जूनियर हाईस्कूल बदनपुर, महमदगंज, टोका घाट में बाढ़ चौकी बनाई गई है। इन चौकियों पर लेखपाल , रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी, एएनएम आदि की ड्यूटी लगी है।