फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश परवेज अहमद ने दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 10 साल की कैद व दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर पांच माह की अतरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी 26 सितंबर 2013 को पिता को खाना देने तालाब पर गई थी। तभी तालाब में सिंघाड़े की फसल करने वाले साझेदार बृजकुमार उर्फ विजय निवासी लोनार व रामगोपाल निवासी पाली जिला हरदोई किशोरी को बहला फुसला कर ले गया।
करीब आठ दिन बाद किशोरी बरामद हुई। पीड़िता के पिता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक दरोगा महेंद्र सिंह ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रामगोपाल की पत्रावली अलग कर दी गई। वृजकुमार उर्फ विजय के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद अलीम ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी वृजकुमार उर्फ विजय को धारा 363 में दोषी पाकर पांच साल की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा, धारा 366 के जुर्म में छह साल की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा तथा धारा 376 के जुर्म में दोषी पाकर दस साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना अदा न करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। सभी सजाएं साथ में चलेगी।