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राम की पैड़ी को अविरल बनाने को तोड़ी गई अयोध्या की मुख्य सड़क

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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल राम की पैड़ी को हर की पौढ़ी की तरह अविरल बनाने की योजना के दूसरे चरण का काम तेजी से शुरू हो गया है।
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इसके लिए इंजीनियरों ने अयोध्या को सरयू के घाटों, हाईवे व पुराने पुल से गोंडा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को 20 फीट चौड़ा व 40 फीट गहराई में खोदकर राम की पैड़ी को सरयू से जोड़ने का काम शुरू हुआ है।
हालांकि यातायात बहाल रखने के लिए बगल से अस्थाई मार्ग बनाया गया है। दीपोत्सव से पहले 31.32 करोड़ रुपये खर्च कर दो पुल व स्कैप चैनल बनाने का लक्ष्य है।
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काम पूरा होते ही राम की पैड़ी से सरयू की नई अविरल धारा हमेशा के लिए भक्तों को स्नान-ध्यान व आचमन के लिए उपलब्ध हो जाएगी। पहले चरण में 29 करोड़ रुपये खर्च कर शक्तिशाली पंपों से सरयू का जलस्तर घटने पर फ्लो बरकरार रखने के इंतजाम हो चुके हैं।
राम की पैड़ी के कायाकल्प के पहले चरण में पंप हाउस की क्षमता 40 क्यूसेक से बढ़ाकर 240 क्यूसेक करने का काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में दो पुल व स्कैप चैनल बनाया जाना है।
राम की पैड़ी अब शीघ्र ही अयोध्या की सुंदरता में चार चांद लगाएगी। अभी तक इसमें भरने वाले पानी के ड्रेन की व्यवस्था बदहाल होने से सड़ांध पैदा होती थी, कोई इस जल को छूने की भी हिम्मत नहीं करता था।
मगर योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले दौरे में ही इसे हर की पौढ़ी की तरह निर्मल व अविरल बनाने का संकल्प लिया था। इसबार 24 अक्तूबर से दीपोत्सव के पहले राम की पैड़ी को आकर्षण का केंद्र बनाने का लक्ष्य है, हालांकि कम समय में काम पूरा होने में संदेह है।
पहले चरण में 29 करोड़ रुपये की लागत से पैड़ी के पंप हाउस की क्षमता बढ़ाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। पहले पैड़ी के पंप हाउस की क्षमता 40 क्यूसेक थी। पानी स्थिर होने से कुछ दिन बाद इसमें दुर्गंध आने लगती थी।
इसके समाधान के लिए जल को प्रवाहित करने की योजना आईआईटी रुड़की से आई मॉडल स्टडी रिपोर्ट के अनुसार तैयार की गई। जिसके क्रम में पंप हाउस की क्षमता बढ़ाकर 240 क्यूसेक की जा रही है। इसके लिए टैंक को इस तरह से ऊंचा उठाया गया है कि उसमें आने वाला पानी सरयू में मिल जाए।
वहीं, दूसरे चरण में 31.32 करोड़ से हर की पौढ़ी की तर्ज पर राम की पैड़ी पर दो पुल बनाए जाने हैं जिनका काम शुरू हो गया है। इस योजना में अविरल जल प्रवाह में वेग बनाए रखने व भूमिगत नहर में फ्लो के लिए काम होना है। प्रयास है कि अब पूरे वर्ष राम की पैड़ी का जलप्रवाह अविरल रहे। इसके लिए दो पुल बनाने का काम शुरू हो चुका है।
105 व 85 मीटर ऊंचे दो पुल का निर्माण शुरू
नयाघाट सिंचाई डाकबंगले से चौधरी चरण सिंह घाट तक 105 मीटर व राम की पैड़ी से गांधी आश्रम तक 85 मीटर ऊंचा पुल बनाया जाना है। 85 मीटर पर पहला और 105 मीटर पर दूसरा स्लैब ढाला जाएगा। इसी लेबल से पैड़ी के नहर में वाटर रिलीज किया जाना है। इस लेवल पर किसी भी मौसम में जलस्तर चाहे जितना भी घटे पानी की कमी नहीं होने पाएगी। पुल के लिए 20 मीटर की दीवार भी बनाई जाएगी नीचे चैनल स्थापित किया जाएगा दो गेट भी बनाए जाएंगे। इंजीनियरों के मुताबिक नदी की गहराई में खोदाई से पहले नदी के पानी को भरने से रोकने के लिए डी बनाया गया है। इसके लिए 12.12 मीटर लेंथ की सीट डाली जा चुकी है, इससे अविरल जल प्रवाह में मदद मिलेगी।
34 वर्षों से अविरल नहीं हो पाई राम की पैड़ी
राम की पैड़ी की स्थापना 34 वर्ष पूर्व जिस उद्देश्य से हुई थी। उस उद्देश्य में राम की पैड़ी खरी नहीं उतर सकी। 1984-1985 में 14 करोड़ से राम की पैड़ी की योजना तैयार हुई थी। शुरूआत के कुछ वर्षों में राम की पैड़ी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र तो स्थानीय लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट के रूप में रही, लेकिन धीरे-धीरे पैड़ी का स्वरूप विकृत होता गया। 34 वर्षों में राम की पैड़ी को अविरल बनाने के लिए कई प्रयास किए गए। आई-गई सरकारों ने करोड़ों खर्च किए लेकिन राम की पैड़ी अविरल नहीं हो सकी। लेकिन योगी सरकार में राम की पैड़ी अविरलता की ओर है। इस बार राम की पैड़ी के पुनरुद्धार में कोई तकनीकी कमी न रह जाए इसलिए आईआईटी रुड़की से आई मॉडल स्टडी रिपोर्ट के अनुसार पैड़ी का कायाकल्प चल रहा है।
राम की पैड़ी में अब पूरे वर्ष पानी की कमी नहीं होगी। हर की पौढ़ी की तर्ज पर राम की पैड़ी का भी जलप्रवाह अविरल होगा। पहले चरण में पैड़ी के पंप हाउस की क्षमता बढ़ाई गई है। अब दूसरे चरण में दो पुल व स्कैप चैनल बनाने का काम शुरू हो गया है। दीपोत्सव से पूर्व राम की पैड़ी अविरल नजर आएगी।
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जय सिंह, अधिशाषी अभियंता, सरयू नहर खंड
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