अयोध्या। रामनगरी के प्राचीन कुंडों का सुंदरीकरण कराकर उन्हें संरक्षित किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से तीन कुंडों के संरक्षण व सुंदरीकरण के लिए पैसा जारी किया गया है। स्वर्णखनि, हनुमान कुंड व गणेश कुंड के सुंदरीकरण के लिए पर्यटन विभाग ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन को 2.50 करोड़ की राशि दी है। कुंड के सुंदरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, अगले माह से सुंदरीकरण का काम शुरू हो जाएगा। कुंडों के आसपास पाथवे, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित ग्रीनरी विकसित की जाएगी।
अयोध्या के अधिकांश कुंड या तो बदहाल अवस्था में हैं या फिर अस्तित्व के लिए जूझ रहे हैं। ये कुंड न सिर्फ रामनगरी के पौराणिकता के गवाह हैं बल्कि इन कुंडों के सुंदरीकरण से पर्यटन की भी संभावनाएं प्रशस्त होंगी। अयोध्या के विकास के लिए तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में रामनगरी की पौराणिकता को सहेजकर आधुनिक रूप देने की योजना है। इसी के तहत रामनगरी के प्राचीन धरोहरों को सूचीबद्ध करते हुए उनके सुंदरीकरण का काम किया जा रहा है। रामनगरी के तीन प्राचीन कुंडों स्वर्णखनि कुंड, हनुमानकुंड व गणेश कुंड के सुंदरीकरण के लिए पर्यटन विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन को 2.50 करोड़ की राशि दी गई है।
यूपीपीसी द्वारा अभी इस कार्य के लिए टेंडर कराया जा रहा है। टेंडर होते ही अनुमान है कि जनवरी माह से इन कुंडों का सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके तहत इन कुंडों की सफाई कराकर इनकी गहराई बढ़ाई जाएगी उसके बाद इनको भव्यता प्रदान करने का काम शुरू होगा। इसके तहत कुंडों के आस-पास ग्रीनरी विकसित करने के साथ-साथ, बैठने की व्यवस्था, पाथ-वे भी बनाया जाएगा। साथ ही कुंड का जल हमेशा स्वच्छ रहे इसके लिए कुंडों के पास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
तीनों कुंडो से जुड़ी है कई पौराणिक मान्यता
स्वर्णखनि कुंड को लेकर मान्यता है कि यहां महाराज रघुजी के भय से कुबेर ने स्वर्णवृष्टि की थी। यहां स्नान-दान करने से मनुष्य लक्ष्मीवान हो जाता है। नाग पंचमी को कुंड पर मेला लगता है, वार्षिक यात्रा का भी विधान है। गणेश कुंड मणिपर्वत के दक्षिणभाग में स्थित है। जहां पर माघ कृष्ण चतुर्थी को स्नान-पूजन का महत्व है। पूजन में ऊं नम: श्रीगणेशाय इस मंत्र का प्रयोग कर गणेश जी की स्तुति से मनोकामना पूरी होती है। स्वर्णखनि कुंड के कुछ ही दूरी पर प्राचीन हनुमानकुंड स्थित है। भाद्र शुक्ल चतुर्दशी को इसकी परिक्रमा करने का विधान है। कुंड के पास हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
पांच जगहों पर बनेगा प्रसाधन
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि विकास प्राधिकरण के साथ एक अनुबंध हुआ है। इसके तहत पर्यटन विभाग रामनगरी के पांच स्थानों पर सुलभ प्रसाधन का निर्माण कराएगा। विकास प्राधिकरण द्वारा जमीन देखी जा रही है, उनके द्वारा जमीन चिह्नित किए जाने के बाद तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि अभी तक नयाघाट, नगर निगम मुख्यालय दो स्थानों पर जगह देखी जा चुकी है। ये सुलभ प्रसाधन दस सीट के होंगे, सारी मूलभूत सुविधाओं से लैस होंगे।