नारकोटिक्स एक्ट के दायरे में आने वाली इन प्रतिबंधित दवाओं को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर और औषधि विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
साथ ही गोदाम मालिक के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत पुलिस केस और फॉर्मा लाइसेंस भी सस्पेंड करने की कार्रवाई हो रही है। अचानक हुई इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हलचल मची हुई है।
शहर के पॉश इलाके रिकाबगंज स्थित कैंड हॉस्पिटल के ऊपर सोनू फॉर्मा सेल्स का गोदाम संचालित हो रहा है। फॉर्मा मालिक मोइन अहमद खान के दवाओं का स्टोर था।
सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने अचानक सोनू फॉर्मा पर छापा मारा। दवाओं की जांच की तो संदेह हुआ। इसके बाद टीम बुलाकर दवा गोदाम खुलवाया। गोदाम के अंदर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, अल्पराजोलम टेबलेट, पराजोलम और पेंटाविन जैसी प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
गोदाम से पकड़ी गईं दवाओं का कोई दस्तावेज भी फॉर्मा कारोबारी के पास नहीं मिला। विभाग के अफसरों ने अनुमान के मुताबिक दवाओं की कीमत 15 लाख आंकी है।
गोदाम में इन दवाओं के अतिरिक्त और भी कई संदेहास्पद दवाएं होने की आशंका जताई गई है। ड्रग कारोबारी कहां से इन दवाओं को खरीदा, इस बारे में भी उसके पास कोई दस्तावेज नहीं है।
अब दवाओं की प्रयोगशाला व संबंधित कंपनी की जांच के बाद पता चलेगा कि वह नकली या असली। साथ ही रैपर-बॉक्स पर दर्ज कंपनी का नाम सही है या गलत।
यही नहीं स्थानीय बाजारों में किन मेडिकल स्टोरों को यहां से दवाओं दवाएं संचालित की जाती हैं। इसका भी ब्योरा ड्रग कारोबारी के पास नहीं मिला है। फिलहाल जांच अधिकारियों ने गोदाम को कब्जे में ले लिया है।
एक-एक दवाओं व उनसे जुड़े स्टॉक की जांच जारी है। रजिस्टर, खरीद-बिक्री बिलें आदि नहीं मिलने से मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।
सोनू फार्मा के संचालक ने सात माह पूर्व कैंडी हॉस्पिटल के मालिक डॉ. इरफान खान से हॉस्पिटल के ऊपरी फ्लोर को गोदाम संचालन के लिए लिया था।
यह बात डॉ. इरफान ने बताई, कहा कि मोइन अहमद खान दवाओं का थोक का कारोबारी है। काटन, मरहम पट्टी रखने के लिए गोदाम लिया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें तनिक भी जानकारी नहीं है कि वह प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार कर रहा है।
ड्रग इंस्पेक्टर उदय भान सिंह ने बताया कि गोदाम को कब्जे में ले लिया गया है। दवाओं की सूची तैयार की जा रही है। उसके दवाओं की अवैध खरीद फरोख्त करने और नारकोटिक्स एक्ट के तहत फॉर्मा मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अभी तक प्रतिबंधित दवाओं का स्टाक करीब 15 लाख मूल्य का होने का अनुमान है। फॉर्मा का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी होगी।