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लाल पत्थरों से तैयार होगा तीन मंजिला राममंदिर

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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि में भव्य राममंदिर निर्माण का काम जोरों पर है। अभी राममंदिर के 21 फीट ऊंचे चबूतरे (प्लिंथ) के निर्माण का काम चल रहा है। प्लिंथ का काम पूरा होते ही राममंदिर के गर्भगृह को आकार देने का काम शुरू हो जाएगा। राममंदिर के गर्भगृह सहित तीन मंजिला मंदिर वंशीपहाड़पुर के पत्थरों से निर्मित होगा। इसके लिए अप्रैल से पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू होने की संभावना है।
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राममंदिर निर्माण में राजस्थान के भरतपुर, नागौर, जोधपुर और सिरोही के पत्थर लगाए जा रहे हैं। राजस्थान में चल रही तीन कार्यशालाओं में पत्थरों की नक्काशी व तराशी का काम जोरों पर चल रहा है। इस काम में लगभग 300 कारीगर व मजदूर लगाए गए हैं। राममंदिर तीन मंजिला होगा। मंदिर की कुल ऊंचाई 161 फीट होगी। प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फीट रखी गई है। प्रत्येक तल में लगने वाले स्तंभों के भी निर्माण का काम राजस्थान में ही चल रहा है।
भरतपुर के बंसी पहाड़पुर के 1.75 लाख घनफीट से ज्यादा पत्थर अब तक अयोध्या आ चुके हैं। इससे 16 फीट ऊंचाई के 126 से ज्यादा खंभे तैयार किए गए हैं। मंदिर के भूतल में सर्वाधिक 160, प्रथम तल में 132 व दूसरे तल में 74 स्तंभ लगाए जाएंगे। राजस्थान के सिरोही के पिंडवाड़ा के कारीगर वंसीपहाड़पुर के पत्थरों को तराशकर अयोध्या भेज रहे हैं।
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि राजस्थान में सिरोही, भरतपुर मिलाकर कुल तीन कार्यशालाओं में पत्थरों की तराशी व नक्काशी की जा रही है। नक्काशी के लिए अलग कारीगर व तराशी के लिए अलग मजदूर लगाए गए हैं। ये पत्थरों को तराशने के बाद उनमें देवी-देवताओं की आकृतियों को उकेरने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राममंदिर के गर्भगृह में संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा। चौखट, बाजू और फर्श के लिए नागौर के मकराना का विश्व प्रसिद्ध संगमरमर लगाया जा रहा है। राजस्थान में राममंदिर के चौखट, बाजू भी तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी राममंदिर की प्लिंथ का निर्माण हो रहा है जो जून तक पूरा होने की संभावना है।
इसके बाद पत्थरों को जोड़ने का काम शुरू होगा। कहा कि मंदिर निर्माण के साथ-साथ पश्चिम दिशा से रिटेनिंग वॉल के निर्माण का काम भी संचालित है। 12 मीटर गहरे खोदे गए गड्ढों को अब भरने का काम चल रहा है।
श्रीरामजन्मभूमि में बन रहा मंदिर न सिर्फ भव्यता व स्थापत्यकला की दृष्टि से बेजोड़ होगा बल्कि तकनीकी के मामले में भी चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा। राममंदिर निर्माण में देश की आठ नामी एजेंसियों की सहायता ली जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक मंदिर निर्माण में करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि अनुमान के मुताबिक मंदिर निर्माण में अब तक करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। कहा कि मंदिर निर्माण में धन की कोई कमी नहीं है। बताया कि प्रतिदिन लाखों का दान आज भी राममंदिर निर्माण के लिए आ रहा है।
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